Patna News: अब पब्लिक के पैसे से चमकेगा पटना, मेयर सीता साहू ने म्युनिसिपल बॉन्ड पर लगाई मुहर
Patna News: पटना शहर को स्मार्ट, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए पटना नगर निगम म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की तैयारी में है. यह फैसला नगर निगम मुख्यालय में मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई स्थायी समिति की 19वीं बैठक में लिया गया. बैठक में कुल 167 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें म्युनिसिपल बॉन्ड का निर्णय सबसे बड़ा और दूरगामी असर वाला माना जा रहा है.
Patna News: सोमवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में करीब 200 करोड़ रुपये का बॉन्ड जारी करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया. यह फैसला पटना के शहरी विकास की दिशा में एक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, जिससे शहर की सूरत बदलने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी.
बॉन्ड निर्गम समिति संभालेगी पूरी कमान
म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए नगर निगम ‘बॉन्ड निर्गम समिति’ का गठन करेगा. इस समिति की अध्यक्षता नगर आयुक्त करेंगे. बॉन्ड का स्वरूप, उसकी अवधि, ब्याज दर, आवश्यक समझौते, मध्यस्थ एजेंसियों की नियुक्ति और निर्गम से जुड़ी सभी शर्तें तय करने का अधिकार इसी समिति को होगा. इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाई जा सकेगी.
आम भाषा में समझें- म्युनिसिपल बॉन्ड
म्युनिसिपल बॉन्ड असल में नगर निगम द्वारा लिया गया एक तरह का कर्ज होता है. जब कोई नागरिक या संस्था बॉन्ड खरीदती है, तो वह नगर निगम को तय समय के लिए पैसा उधार देती है. बदले में नगर निगम उसे एक निश्चित ब्याज देता है और बॉन्ड की अवधि पूरी होने पर मूल राशि लौटा देता है. यह निवेश अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसे सरकारी संस्था की गारंटी मिलती है.
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक बॉन्ड से मिलने वाली राशि का उपयोग शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा. जलापूर्ति व्यवस्था का विस्तार, सीवरेज सिस्टम का सुधार, स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाना, ट्रैफिक मैनेजमेंट को स्मार्ट बनाना और ग्रीन प्रोजेक्ट को बढ़ावा देना इसकी प्राथमिकता में शामिल है. इसका सीधा असर पटना के आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा.
पार्षदों को मिलेगी एक-एक करोड़ की विकास राशि
बैठक में यह भी तय हुआ कि वर्ष 2025-26 के बजट में पार्षद योजना 4.0 के तहत हर वार्ड पार्षद को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इस राशि से मोहल्लों में छोटी लेकिन जरूरी विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा. स्ट्रीट लाइट की खराबी दूर करने, जहां जरूरत हो वहां नई लाइट लगाने और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा.
पटना के कंकड़बाग, नूतन राजधानी और बांकीपुर अंचल क्षेत्र में 11 स्थानों पर फायर हाइड्रेंट लगाए जाएंगे. ये अग्निशमन वाहनों को सीधे नगरपालिका की जलापूर्ति प्रणाली से जोड़ेंगे, जिससे आग लगने की स्थिति में पानी की कमी नहीं होगी. इसके साथ ही कई इलाकों में हाई यील्ड बोरिंग और जलापूर्ति पाइपलाइन सुधार के प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं.
ड्रेनेज और सड़कों पर भी फोकस
बैठक में विभिन्न वार्डों में अंडरग्राउंड नाला निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम के सुधार और सड़कों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. इसका मकसद बारिश के मौसम में जल जमाव की समस्या को कम करना और शहर को ज्यादा सुगम बनाना है
म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने का फैसला पटना के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है. इससे नगर निगम आर्थिक रूप से ज्यादा आत्मनिर्भर बनेगा और विकास योजनाओं में तेजी आएगी. अगर यह मॉडल सफल रहा, तो पटना देश के उन शहरों की कतार में खड़ा होगा, जो अपने विकास के लिए आधुनिक वित्तीय साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह कदम पटना को एक वास्तविक स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेगा.
