मानसून से पहले जलजमाव पर डीएम का एक्शन, लापरवाही हुई तो दर्ज होगी FIR

Patna News: पटना में हर साल मॉनसून के दौरान होने वाले जलजमाव से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने साफ निर्देश दिया है कि दो महीने के भीतर सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि इस बार शहर को पानी-पानी होने से बचाया जा सके.

Patna News: मानसून की बारिश अक्सर राहत से ज्यादा आफत लेकर आती है, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने चेतावनी दी है कि शहर में जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए सभी विभाग अगले दो महीनों के भीतर अपने काम पूरे कर लें.

डीएम ने स्पष्ट किया है कि जलनिकासी के कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज की जाएगी. पटना को डूबने से बचाने के लिए बुडको, नगर निगम, मेट्रो और पथ निर्माण विभाग को एक साथ मिशन मोड में काम करने का टास्क सौंपा गया है.

जलजमाव से निपटने को तैनात हुई QRT

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बैठक में बताया कि पटना नगर निगम के सभी 75 वार्डों को 19 विशेष जोन में विभाजित किया गया है. मानसून के दौरान जैसे ही कहीं पानी भरने की सूचना मिलेगी, तुरंत ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (QRT) मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालेगी. इसके साथ ही शहर के प्रमुख नालों की सफाई का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है.

डीएम ने निर्देश दिया है कि नालों के ऊपर से अतिक्रमण हटाया जाए ताकि पानी का बहाव रहे. बिजली विभाग को भी अलर्ट रहने को कहा गया है ताकि भारी बारिश के दौरान पंपिंग स्टेशनों की बिजली न कटे और जलनिकासी निरंतर जारी रहे.

15 जून की डेडलाइन

बाढ़ और जलजमाव की दोहरी मार से बचने के लिए डीएम ने 15 जून की डेडलाइन तय की है. इस तारीख से पहले जिले के सभी तटबंधों की मरम्मत और उनकी पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश इंजीनियरों को दिया गया है. जिलाधिकारी स्वयं क्षेत्रों का भ्रमण कर पूर्व तैयारियों का जायजा लेंगे.

संभावित बाढ़ वाले इलाकों में शरण स्थलों का चयन कर लिया गया है, जहां मोबाइल मेडिकल टीम, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि आपदा की स्थिति में भी आम जनजीवन कम से कम प्रभावित हो.

मेट्रो और एनएचएआई को भी निर्देश

पटना में चल रहे मेट्रो निर्माण और एनएचएआई के प्रोजेक्ट्स की वजह से कई जगहों पर जलनिकासी के रास्ते बाधित हुए हैं. डीएम ने इन सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे नगर निगम के साथ सहयोग बिठाकर वैकल्पिक ड्रेनेज सिस्टम तैयार रखें.

सड़कों पर निर्माण सामग्री के कारण पानी का जमाव न हो, इसकी जिम्मेदारी भी संबंधित निर्माण एजेंसियों की होगी. इस बार प्रशासन की सख्ती और ‘मिशन मोड’ कार्यशैली को देखकर उम्मीद जताई जा रही है कि पटना की सड़कें मानसून में तालाब बनने से बच सकेंगी.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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