नीट छात्रा मौत मामला: 11 दिन, 42 लोग से पूछताछ फिर भी CBI के हाथ खाली, क्या स्पर्म से खुलेगा राज?

Patna Neet Student Death Case: : नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में जांच कर रही सीबीआई अब तक परिजनों, एसआईटी सदस्यों, हॉस्टल कर्मियों और अन्य संदिग्धों समेत 42 लोगों से पूछताछ कर चुकी है. टीम कई बार छात्रा के गृह जिले जहानाबाद, गया और हॉस्टल परिसर का दौरा कर चुकी है, फिर भी केस की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है.

Patna Neet Student Death Case: बिहार की राजधानी पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम पूरी ताकत झोंक चुकी है, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है.

जांच टीम अब तक छात्रा के परिजनों, हॉस्टल स्टाफ और एसआईटी (SIT) के अधिकारियों समेत कुल 42 लोगों से कड़ी पूछताछ कर चुकी है. टीम ने साक्ष्यों की तलाश में तीन बार जहानाबाद, दो बार गया और दो बार उस हॉस्टल का दौरा किया है जहां छात्रा रहती थी, मगर केस की गुत्थी अभी भी ‘स्पर्म’ के डीएनए और एम्स की रिपोर्ट के इर्द-गिर्द अटकी हुई है.

डीएनए सुराग पर टिकी जांच की दिशा

जांच का सबसे अहम बिंदु छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म की पहचान है. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद डीएनए मिलान को केस का मुख्य आधार माना जा रहा है. SIT ने 25 लोगों के रक्त नमूने जांच के लिए भेजे थे, लेकिन किसी का डीएनए मैच नहीं हुआ. इससे जांच और जटिल हो गई है और एजेंसी नए सिरे से संभावित संदिग्धों की पहचान कर रही है.

जांच के बीच एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब छात्रा के जहानाबाद स्थित पैतृक घर पर दो बार धमकी भरे पत्र फेंके गए. शकूराबाद पुलिस ने इन पत्रों को जब्त कर लिया है और एफएसएल की जांच में सामने आया है कि दोनों पत्र एक ही व्यक्ति ने लिखे हैं.

सीबीआई हैंडराइटिंग के जरिए उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसने पीड़ित परिवार को डराने की कोशिश की है.

मेडिकल रिपोर्ट पर टिका सच

सीबीआई की नजर अब एम्स (AIIMS) की उस रिपोर्ट पर है जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है. पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद SIT ने एम्स से सेकंड ओपिनियन मांगा था, लेकिन टीम बनने के बावजूद अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है.

सीबीआई जल्द ही एम्स के डॉक्टरों से मुलाकात कर सकती है. इसके साथ ही हॉस्टल की दो वार्डन से भी पूछताछ की तैयारी है, जिनकी मौजूदगी में छात्रा को अस्पताल ले जाया गया था. हॉस्टल के दरबान से हुई शुरुआती पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

अब तक मिले संकेतों से साफ है कि मामला संवेदनशील और जटिल है. एजेंसियों की नजर फॉरेंसिक, मेडिकल और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों पर है.आने वाले दिनों में डीएनए मिलान या धमकी भरे लेटर लिखने वाले की पहचान ही इस केस को दिशा दे सकती है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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