Patna Metro: पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट ने अपने विस्तार की दिशा में एक और निर्णायक कदम बढ़ा दिया है. मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर स्थित ऑक्सिलरी सब-स्टेशन यानी ASS कक्ष में लगाए गए मुख्य ट्रांसफॉर्मर को सफलतापूर्वक चार्ज कर दिया गया है.
यह तकनीकी उपलब्धि इस बात का संकेत मानी जा रही है कि स्टेशन की बिजली व्यवस्था अब पूरी तरह ऑपरेशनल मोड में आ चुकी है. ट्रांसफॉर्मर के चार्ज होने से स्टेशन पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, जो मेट्रो परिचालन के लिए सबसे बुनियादी जरूरत होती है.
ऑक्सिलरी सब-स्टेशन क्यों माना जाता है मेट्रो का ‘दिल’
मलाही पकड़ी स्टेशन में बना ऑक्सिलरी सब-स्टेशन मेट्रो स्टेशन की पूरी बिजली प्रणाली का केंद्रीय हिस्सा है.स्टेशन की लाइटिंग, एस्केलेटर, लिफ्ट, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े सभी उपकरण इसी सिस्टम पर निर्भर होते हैं. ट्रांसफॉर्मर के चार्ज होने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि स्टेशन अब तकनीकी रूप से अंतिम चरण में पहुंच चुका है.
फरवरी के अंत तक शुरू हो सकते हैं खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशन
पटना मेट्रो के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर स्थित खेमनीचक और मलाही पकड़ी. इन दो स्टेशनों को शुरू करने की कवायद तेज कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी तकनीकी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं, तो फरवरी के अंत तक दोनों स्टेशन यात्रियों के लिए खोल दिए जा सकते हैं. ASS ट्रांसफॉर्मर का चालू होना इस दिशा में सबसे अहम मील का पत्थर माना जा रहा है.
EIG इंस्पेक्शन से पहले ही मिल चुका ग्रीन सिग्नल
इससे पहले 23 जनवरी को खेमनीचक से मलाही पकड़ी स्टेशन तक EIG यानी इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल का निरीक्षण किया गया था. यह निरीक्षण भारत सरकार के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जगदीश कुमार की अगुवाई में हुआ था. जांच के दौरान स्टेशन, ट्रैक और सिग्नल सिस्टम से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मानकों के अनुरूप पाया गया, जिससे परियोजना की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ.
समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के इंजीनियरों के अनुसार, प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है.आने वाले हफ्तों में अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह इलेक्ट्रिकल चार्जिंग और सिस्टम टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
पटना मेट्रो के शुरू होने से न सिर्फ ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि राजधानी को एक आधुनिक और वैश्विक पहचान भी मिलेगी.
