Bihar News: वीटीआर की मानसरोवर झील के पास एक बाघ ने दूसरे को मार डाला, शरीर पर मिले कई जगह जख्म के निशान

Bihar News: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया स्थित वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना जंगल की मानसरोवर झील के पास गन्ने के खेत में बुधवार को एक बाघ का शव मिला. उसके शरीर पर कई जगह कटे के निशान थे.

Bihar News: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया स्थित वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना जंगल की मानसरोवर झील के पास गन्ने के खेत में बुधवार को एक बाघ का शव मिला. उसके शरीर पर कई जगह कटे के निशान थे. बायें पैर पर ज्यादा जख्म था. इससे आशंका जतायी जा रही है कि दो बाघों की भिड़ंत में इसकी मौत हुई है.

इसकी जानकारी तब मिली, जब चक्रसन गांव के चरवाहे मवेशियों को लेकर मानसरोवर झील के पास गये. मौके पर पहुंचे वीटीआर के वन संरक्षक हेमकांत राय ने बताया कि यह बाघ तीन से चार साल का हो सकता है. जख्म के निशानों से साफ है कि इसकी मौत दूसरे बाघ के साथ लड़ाई में हुई है. हालांकि, उसके मरने के तीन कारण हो सकते हैं-फाइटिंग, प्वायजनिंग और शेयरिंग तार में फंसना. पोस्टमार्टम के बाद मामला साफ होगा.

वीटीआर में 15 साल में बाघों की संख्या चार गुनी बढ़ी

पटना. वीटीआर में पिछले 15 साल में बाघ चार गुने बढ़े हैं. 2006 में यहां सिर्फ 10 बाघ रह गये थे, जो अब बढ़ कर 40 तक हो सकते हैं. वहीं, शावकों की संख्या बढ़कर 6 से 8 हो सकती है. बाघों को गिनने के लिए कैमरे लगाये गये थे, जिनके वीडियो फुटेज देहरादून भेजे गये हैं. इस आधार पर बाघों की संख्या 40 होने की संभावना है. हालांकि अभी आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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By Prabhat Khabar News Desk

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