चमकी बुखार से निबटने के लिए पंचायतों को गोद लेंगे अफसर, महादलित टोला में लगेगी होर्डिंग, स्कूलों में होगी चर्चा, जानिये क्या है तैयारी

बच्चों की जानलेवा बीमारी एइएस से बचाव व इलाज की तैयारी को लेकर बुधवार को डीएम प्रणव कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की.

मुजफ्फरपुर. बच्चों की जानलेवा बीमारी एइएस से बचाव व इलाज की तैयारी को लेकर बुधवार को डीएम प्रणव कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की. बीमारी के नियंत्रण के लिए बने एक्शन प्लान पर चर्चा करते हुए डीएम ने कहा कि एइएस से जंग लड़ने के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तैयारी जोर-शोर से चल रही है.

इसी क्रम में जिले की सभी 385 पंचायतों को पदाधिकारी गोद लेंगे और एक सप्ताह के अंदर अपने पंचायत में एइएस से बचाव के लिए अभियान शुरू करेंगे. जागरूकता कोषांग की ओर से अबतक किये गये प्रचार-प्रसार की जानकारी नोडल अधिकारी डीपीआरओ ने दी.

बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रचार-प्रसार संबंधित विभिन्न कार्यों के अतिरिक्त इस बार स्कूलों के माध्यम से भी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जाये. विशेषकर स्कूलों में प्रतिदिन चमकी पर चर्चा हो साथ ही बच्चों को जागरूक किया जाये.

जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया कि मार्च महीने के प्रथम सप्ताह से इसे अनिवार्य रूप से शुरू करने के लिए कहा गया. डीपीओ आइसीडीएस को निर्देश दिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र के पोषक क्षेत्रों में जितने भी नामांकित या गैर नामांकित बच्चे हैं, उनका नाम, पिता का नाम, उनका पूर्ण विवरण मोबाइल नंबर समेत उपलब्ध कराया जाये, ताकि उनकी मॉनीटरिंग की सके. 16 लाख पर्चा का वितरण किया जायेगा.

महादलित टोला में लगेगी होर्डिंग, दीवारों पर चिपकेंगे पोस्टर

इस बार 25,000 पोस्टर ग्रामीण बस्तियों के दीवारों पर चिपकाये जायेंगे. वहीं महादलित टोला में होर्डिंग लगेगी. वाहनों द्वारा माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया जायेगा. साथ ही पंचायत वार एक-एक तिपहिया वाहन भी अपने-अपने पंचायतों में सघन प्रचार-प्रसार करेंगे. सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है.

सिविल सर्जन को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सतत मॉनीटरिंग करने के लिए कहा गया. इसके अतिरिक्त नुक्कड़ नाटकों, एफएम रेडियो, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, फोन कॉल के माध्यम से भी सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने निर्णय लिया गया है.

बैठक में क्षमता वर्धन एवं प्रशिक्षण कोषांग, वित्तीय संसाधन प्रबंधन कोषांग, एंबुलेंस सेवा एवं त्वरित परिवहन कोषांग, नियंत्रण कक्ष एवं क्यूआरटी कोषांग तथा अनुश्रवण एवं मूल्यांकन कोषांग की भी समीक्षा की गयी.

Posted by Ashish Jha

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Published by: Prabhat khabar news desk

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