25 साल में कोई गवर्नर पूरा नहीं कर पाया कार्यकाल, अर्लेकर की नियुक्ति पर बोले नीतीश कुमार- कोई आवे...

बिहार में राज्यपाल बदलने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोई आवे फर्क नहीं पड़ता है. गृह मंत्री अमित शाह ने फोन करके मुझे जानकारी दी थी. 25 साल से कोई 5 साल तक टिक नहीं पाया है. औरंगाबाद में मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यपाल बदल गये हैं.

औरंगाबाद. बिहार में राज्यपाल बदलने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोई आवे फर्क नहीं पड़ता है. गृह मंत्री अमित शाह ने फोन करके मुझे जानकारी दी थी. 25 साल से कोई 5 साल तक टिक नहीं पाया है. औरंगाबाद में मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यपाल बदल गये हैं. परसो गृह मंत्री ने हमें इसकी सूचना दी थी. फागू चौहान को तो साढ़े तीन साल ही हुआ था. बिहार में तो जमाने से राज्यपाल अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर रहे हैं. 25 साल हो गया. उससे पहले 5 साल रहते थे.

जदयू ने राज्यपाल की नियुक्ति पर जतायी आपत्ति

राज्यपाल को बदले जाने पर बिहार में बयानबाजी शुरू हो गई है. जदयू का कहना है कि भाजपा अपने पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं या फिर ऐसे अफसरों या न्यायपालिका से जुड़े लोगों को गवर्नर बनाती है, जो केंद्र सरकार को मदद पहुंचाते रहे हैं. साथ ही भाजपा पर राज्यपालों की नियुक्ति परंपरा को ताक पर रखकर करने का आरोप भी लगाया जा रहा है. अब सीएम नीतीश कुमार के इस बयान से साफ हो गया है कि वे भी गवर्नर को लेकर लिए गए फैसले से खुश नहीं हैं. हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर कुछ भी नहीं कहा.

एआर किदवई के बाद किसी ने पूरा नहीं किया कार्यकाल 

करीब 25 वर्षों में बिहार में कोई भी राज्यपाल ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है. इसके सियासी मायने हो सकते हैं. गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर बिहार के 41वें राज्यपाल बनाए गए हैं. राज्यपालों की सूची देखी जाये तो डा. एआर किदवई अपना कार्यकाल (14 अगस्त 1993 से 26 अप्रैल 1998 तक) पूरा करने वाले अंतिम राज्यपाल थे.

कई विवादों में तो कई को आज भी याद करते हैं लोग 

कई ऐसे राज्यपाल भी रहे, जो अपने कार्यशैली से विवादों में भी रहे तो कईयों ने लोकप्रियता भी पायी. बीते ढाई दशक में कई ऐसे मौके भी आये जब कुछ संवैधानिक सवालों को लेकर राजभवन और सरकार एक-दूसरे के आमने-सामने दिखी. बूटा सिंह और देवानंद कुंवर जैसे राज्यपाल खासे चर्चा और विवादों में रहे. वहीं, बिहार में उच्च शिक्षा में सुधार का बेहतर प्रयास करने को लेकर आरएस गवई, डा.डीवाई पाटिल, सत्यपाल मलिक और लालजी टंडन जैसे कई अन्य राज्यपालों ने आमजन से प्रशंसा भी पाई है.

25 वर्षों में ये रहे राज्यपाल 

नाम——–पद ग्रहण—-पद त्याग

  • 1. सुंदर सिंह भंडारी : 27 अप्रैल 1998-15 मार्च 1999

  • 2. विनोद चंद्र पाण्डेय : 23 नवंबर 1999-12 जून 2003

  • 3. एमआर जोइस : 12 जून 2003-31 अक्टूबर 2004

  • 4. बूटा सिंह : 5 नवंबर 2004-29 जनवरी 2006

  • 5. गोपाल कृष्ण गांधी : 31 जनवरी 2006-21 जून 2006

  • 6. आरएस गवई : 22 जून 2006-10 जुलाई 2008

  • 7. आरएल भाटिया : 10 जुलाई 2008-28 जून 2009

  • 8. देवानंद कुंवर : 29 जून 2009-21 मार्च 2012

  • 9. डीवाई पाटिल : 22 मार्च 2012–26 नवंबर, 2014

  • 10. केसरी नाथ त्रिपाठी : 27 नवंबर 2014–15 अगस्त 2015

  • 11. रामनाथ कोविंद : 16 अगस्त 2015-20 जून, 2027

  • 12. केसरी नाथ त्रिपाठी : 20 जून, 2017-30 सितंबर, 2017

  • 13. सत्यपाल मलिक : 30 सितंबर 2017-22 अगस्त 2018

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