नीतीश कुमार ने राज्यकर्मियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया, बिहार कैबिनेट में लगी 6 एजेंडों पर मुहर

बिहार सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशी की खबर है. बिहार सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाने पर फैसला लिया है. बिहार कैबिनेट की बैठक में आज कुल 6 एजेंडों पर मुहर लगी है. इसमें एक यह भी शामिल है. कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के डीए में 4% की बढ़ोतरी की गयी है.

पटना. बिहार सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशी की खबर है. बिहार सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाने पर फैसला लिया है. बिहार कैबिनेट की बैठक में आज कुल 6 एजेंडों पर मुहर लगी है. इसमें एक यह भी शामिल है. कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के डीए में 4% की बढ़ोतरी की गयी है. सरकार की तरफ से साल में 2 बार महंगाई भत्ते में इजाफा किया जाता है. हाल ही में केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के डीए में 4% की बढ़ोतरी की है. उसी की तरह राज्य सरकार भी महंगाई भत्ता बढ़ाती है. नीतीश कैबिनेट की आज हुई बैठक में इसकी मंजूरी मिल गयी है.

बिहार आकस्मिकता निधि में इजाफा 

कैबिनेट की बैठक में सीएम समेत सभी विभागों के मंत्री उपस्थित रहे. नीतीश सरकार ने भी सोमवार को कैबिनेट की बैठक में डीए बढ़ाने पर फैसला लिया. सातवां केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन और पेंशन पाने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों या पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2023 के प्रभाव से 38% से 42% महंगाई भत्ता की स्वीकृति दी गयी है. डीए पर सरकार 1690 करोड़ की राशि खर्च करेगी. साथ ही बिहार आकस्मिकता निधि के स्थाई कार्य जो 350 करोड़ को वित्तीय वर्ष 2023-24 से 30 मार्च 2024 तक के लिए अस्थाई रूप से बढ़ाकर 10 हजार करोड़ करने की स्वीकृति दी गई है. अप्रत्याशित संभावित आपदाओं से पीड़ित और प्रभावितों को राहत दिए जाने और भारत सरकार से केंद्रीय परियोजनाओं के लिए प्राप्त राशि के ससमय व्यव एवं अपेक्षित अतिरिक्त राशि की पूर्ति के लिए बिहार आकस्मिकता निधि के स्थायी काय, जो 350 रुपये है, को वित्तीय वर्ष 2023-24 की अवझि में 30 मार्च 2024 तक के लिए अस्थायी रूप से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये करने की भी स्वीकृति दी गई है.

नयी शिक्षक नियमावली 2023 को मंजूरी 

वही, सरकार ने शिक्षक नियुक्ति की नयी नियमावली में नियोजित शिक्षकों का प्रावधान ही खत्म कर दिया गया है. बिहार में अब नियमित शिक्षकों की बहाली होगी. राज्य सरकार सीधे शिक्षकों की नियुक्ति करेगी. यानि पंचायत से लेकर नगर निकायों द्वारा शिक्षकों की बहाली का प्रावधान ही खत्म कर दिया जायेगा. शिक्षकों को नियमित वेतन, भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी. सरकार ने पहले से नियुक्त नियोजित शिक्षकों को भी मौका दिया है. वे भी एक परीक्षा पास कर नियोजित से नियमित शिक्षक बन सकेंगे. नयी नियमावली में सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति आयोग के जरिये करने का फैसला लिया है. राज्य स्तर पर नियुक्ति होगी और फिर उनकी जिलों में पोस्टिंग की जायेगी. नयी नियुक्ति में महिलाओं को 50 परसेंट का आरक्षण दिया जायेगा. वहीं, शिक्षकों को ट्रांसफर की भी सुविधा मिलेगी. जब शिक्षक राज्यकर्मी बन जायेंगे तो उन्हें राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह ही ट्रांसफर पोस्टिंग की सुविधा मिलेगी.

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