अनुमंडलीय अस्पताल को मिले 20 नये बेड व ओटी टेबल

नये बेडों पर घायल मरीजों को उठने व बैठने में होगी सहूलियत

नये बेडों पर घायल मरीजों को उठने व बैठने में होगी सहूलियत

प्रतिनिधि, रजौली.

रजौली अनुमंडलीय अस्पताल को 20 नये बेड और ओटी टेबल मिले. बताते चलें कि अनुमंडलीय अस्पताल को अब ट्रामा सेंटर के रूप में भी संचालित किया जा रहा है. इसके कारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास जारी है. इसी कड़ी में मंगलवार को अस्पताल को 20 नये मेडिकल बेड, एक ऑपरेशन थिएटर टेबल, मैट्रेस समेत कई अन्य आवश्यक उपकरण प्राप्त हुए हैं. अस्पताल प्रबंधन की ओर से नये बिस्तरों को वार्डों में स्थापित किया जा रहा है, जो पुराने और खराब हो चुके बिस्तरों की जगह लेंगे. नये बिस्तरों की खासियत यह है कि इनमें मरीजों की आवश्यकता के अनुसार एडजस्टमेंट की सुविधा दी गयी है. यह सुविधा पुराने बिस्तरों में नहीं थी. नये बेड पर गंभीर रूप से घायल मरीजों को उठाने-बैठाने में काफी सहूलियत मिलेगी. अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए आधुनिक बेड, मैट्रेस और ओटी टेबल अस्पताल को मिले हैं.

अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी

नये उपकरणों के आगमन से अस्पताल की भौतिक सुविधाएं बेहतर होंगी. पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सह समाजसेवी रंजीत सिंह ने अस्पताल में कुछ आधारभूत कमियों की ओर ध्यान दिलाया है. उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर के रूप में संचालित होने के बावजूद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है. गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाना पड़ता है, जो रजौली जैसे पिछड़े क्षेत्र के दिहाड़ी मजदूरों और गरीब लोगों के लिए एक बड़ी समस्या है. इसके अतिरिक्त रजौली से दूर नवादा से तिलैया के बीच लगभग 30 किलोमीटर की घाटी क्षेत्र में अक्सर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए अस्पताल में ब्लड बैंक की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है. एक ब्लड बैंक की उपलब्धता से दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर रक्त मिल सकेगा और उनकी जान बचायी जा सकेगी.

चिकित्सकों के खाली पदों पर हो बहाली

पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सह समाजसेवी रंजीत सिंह ने कुपोषित बच्चों के लिए नियमित जागरूकता अभियान चलाने और उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने पर जोर दिया. उन्होंने अस्पताल में पीकू बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई की व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने की आवश्यकता बतायी. उन्होंने अस्पताल में चिकित्सकों के खाली पदों को जल्द भरने और ओपीडी में भीड़ कम करने के लिए उपाय करने का भी आग्रह किया. वर्तमान में सभी चिकित्सक डीएस कार्यालय में ही मरीजों को देखते हैं, जिससे ओपीडी में काफी भीड़ हो जाती है और मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी होती है, जबकि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में कमरे खाली पड़े हैं. इधर, अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार ने आश्वासन दिया कि चिकित्सकों के रिक्त पदों को लेकर वरीय पदाधिकारियों को पत्राचार किया गया है और अन्य व्यवस्थाओं पर भी अस्पताल प्रबंधन जल्द ही कार्रवाई करेगा, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

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Published by: Kr manish dev

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