नवादा में सावन की तैयारियां तेज, पकरीबरावां में सजे बाजार और शिवालय, चार सोमवारी पर उमड़ेगी भीड़

नवादा के पकरीबरावां में सावन का उल्लास छा गया है. बाजार सज गए हैं और शिवालयों की साफ-सफाई व सजावट का काम तेजी से चल रहा है. इस साल चार सोमवार के चलते विशेष धार्मिक आयोजनों की तैयारी है.

Nawada News : सावन महीने की शुरुआत इस साल 30 जुलाई से होने जा रही है और इसके पहले ही नवादा जिले के पकरीबरावां समेत आसपास के इलाकों में माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है. बाजार सजने लगे हैं, मंदिरों की रंगाई-पुताई शुरू हो गई है और शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. खासकर नवादा–जमुई पथ पर दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, जहां पूजा सामग्री की खरीदारी भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है.

इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिसे लेकर मंदिर समितियां और श्रद्धालु दोनों ही तैयारी में जुट गए हैं. अनुमान है कि हर सोमवारी को शिवालयों में भारी भीड़ उमड़ेगी और दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहेगा.

शिवालयों में विशेष पूजा और आयोजन की तैयारी

सावन के पावन महीने को लेकर पकरीबरावां, धमौल, बुधौली, डुमरावां, देवधा और बेलखुंडा सहित आसपास के प्रमुख शिव मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का काम तेजी से किया जा रहा है. मंदिर परिसरों को आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल जैसी सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है.

मंदिर समितियों की ओर से बताया गया है कि सावन के दौरान जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन और शिव महापुराण कथा जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा कई जगहों पर भंडारे और अखंड कीर्तन की भी तैयारी चल रही है.

सावन का धार्मिक महत्व और व्रत की परंपरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है. पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन के समय निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था, जिसके बाद देवताओं ने उन्हें शीतलता देने के लिए जल अर्पित किया. तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है.

इस महीने श्रद्धालु विशेष रूप से सोमवार का व्रत रखते हैं. सुबह स्नान के बाद गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है. कई लोग निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं और शाम की आरती के बाद व्रत का पारण करते हैं.

अविवाहित युवक-युवतियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से व्रत रखते हैं, वहीं विवाहित महिलाएं परिवार की खुशहाली और पति की लंबी उम्र के लिए भगवान शिव की आराधना करती हैं.

कांवड़ यात्रा और भक्तिमय माहौल

सावन में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है. बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों से जल लेकर पैदल शिवालयों तक पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं. पूरे क्षेत्र में 'हर-हर महादेव', 'बोल बम'' और 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंजते रहते हैं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है.

प्रशासन भी सतर्क, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में है. मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है. यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. साथ ही स्वयंसेवकों की भी मदद ली जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

2026 में सावन के चार सोमवार

पहला सोमवार : 3 अगस्त दूसरा सोमवार : 10 अगस्त तीसरा सोमवार : 17 अगस्त चौथा सोमवार : 24 अगस्त

सावन के आगमन के साथ ही नवादा का पकरीबरावां इलाका पूरी तरह शिवमय होता दिख रहा है. बाजारों की रौनक, मंदिरों की सजावट और श्रद्धालुओं की आस्था इस पवित्र महीने को खास बना रही है. प्रशासन और मंदिर समितियों की तैयारियों के बीच उम्मीद है कि सावन शांतिपूर्ण और भक्ति भाव के साथ संपन्न होगा. श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और स्वच्छता बनाए रखते हुए पूजा-अर्चना करें.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vishwanath Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >