Nawada News: शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों से अपनी उत्कृष्ट पहचान बना चुके सरस्वती विद्या मंदिर रजौली के नव-कायांतरित भवन, अत्याधुनिक संगणक कक्ष, स्मार्ट क्लास, प्रधानाचार्य कार्यालय और नवीन कक्षा-कक्षों का शुक्रवार को एक भव्य और गरिमय समारोह में धूमधाम से उद्घाटन एवं लोकार्पण संपन्न हुआ. इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक विमल राजवंशी ने अपने उद्बोधन में विद्यालय की गौरवशाली विगत उपलब्धियों की सराहना करते हुए एक सुंदर, शुद्ध और प्रगतिशील समाज के निर्माण में इस संस्थान की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुकरणीय बताया.
विशिष्ट अतिथि ने सामाजिक समरसता पर दिया बल
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक इंद्र नारायण ने सामाजिक एकीकरण और समरसता पर बल देते हुए देश के पांच प्रमुख सकारात्मक परिवर्तनों की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया. वहीं भारती शिक्षा समिति बिहार "गया विभाग" के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार ने विद्या भारती की व्यापक कार्यप्रणाली की चर्चा करते हुए इसे विश्व का सबसे बड़ा शैक्षिक संगठन बताया. उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ व्यवहार कुशलता एवं सुदृढ़ संस्कार प्रणाली ही इस संस्था की असली रीढ़ है.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्थापना काल से लेकर अब तक विद्यालय को सींचने वाले प्रबंधकारिणी समिति के समर्पित कार्यकर्ताओं के भावपूर्ण सम्मान से सजे इस समारोह में प्रधानाचार्य धनंजय शर्मा ने आए हुए सभी अतिथियों का परिचय व आत्मीय अभिनंदन किया. पूरे कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन आचार्य धनंजय पांडे ने किया और अंत में सचिव रंजन कुमार उर्फ बब्लू सिंह द्वारा सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया. समारोह में मुख्य ध्यानाकर्षण का केंद्र विद्यालय की बहुचर्चित आचार्या शालिनी एवं संगीत दल द्वारा प्रस्तुत किए गए मनमोहक भजन और वंदना की प्रस्तुतियां रहीं, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया. इस मौके पर विद्यालय के सभी आचार्य गण, समर्पित कर्मचारी गण और प्रबंध समिति के सम्मानित सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
