Nawada News : नवादा व्यवहार न्यायालय के रिकॉर्ड रूम से वर्ष 1996 के 'स्टेट वर्सेज हारो राम' मामले की मूल केस फाइल और एफआईआर गायब होने के प्रकरण में एक नया खुलासा सामने आया है. उपलब्ध विधिक दस्तावेजों के अनुसार, यह मामला सामान्य मारपीट या भूमि विवाद का नहीं, बल्कि कथित सरकारी गबन से संबंधित था.
रोह थाना कांड संख्या 93/1996 से जुड़ा है मामला
विधिक सूत्रों के अनुसार, यह मामला रोह थाना कांड संख्या 93/1996 से संबंधित है. आरोपित हारो राम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बताया गया है कि मामले में धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग), धारा 406 (आपराधिक न्यासभंग) और धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत कार्रवाई की गई थी. धारा 409 के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड, जिसमें उम्रकैद तक का प्रावधान भी शामिल है.
फाइल गायब होने पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
मामले से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद रिकॉर्ड रूम से मूल फाइल और एफआईआर के गायब होने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि किसी आपराधिक मामले से संबंधित मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. हालांकि, यह स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि रिकॉर्ड किन परिस्थितियों में गायब हुए. इस संबंध में सक्षम प्राधिकार या जांच एजेंसी की आधिकारिक जांच और निष्कर्ष ही अंतिम रूप से स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं.
अदालत में साक्ष्य उपलब्ध होने पर दोबारा हो सकती है कार्रवाई
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि इस मामले से जुड़े मूल दस्तावेज, अभिलेख या अन्य वैध साक्ष्य भविष्य में उपलब्ध होते हैं और विधिक प्रक्रिया के तहत अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है. मामले से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायालय और संबंधित जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद ही होगा. फिलहाल रिकॉर्ड रूम से फाइल गायब होने का मामला गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है.
Also Read : आधे घंटे की बारिश में डूबे दाउदनगर के दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग, जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल
