Negligence Exposed at Rajauli Hospital : नवादा जिले के रजौली स्थित 75 शैय्या अनुमंडलीय अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा दावों की पोल खुल गई है. यहां इलाज कराने आई एक महिला मरीज का मंगलसूत्र एक्स-रे के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया, और जब मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज देखने की बात आई तो पता चला कि अस्पताल के कैमरे पिछले कई दिनों से खराब पड़े हैं. इस घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है.
जानकारी के अनुसार माहुरी टोला निवासी अशोक प्रसाद की 55 वर्षीय पत्नी शोभा देवी सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थीं. बताया जा रहा है कि वह कुछ दिन पहले भी इलाज के लिए अस्पताल आई थीं, जहां उन्हें स्लाइन चढ़ाया गया था. शनिवार को जब उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो वे दोबारा अस्पताल पहुंचीं.
Nawada News : एक्स-रे के दौरान गायब हुआ मंगलसूत्र
ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर दिलीप कुमार ने उनकी जांच के बाद एक्स-रे कराने की सलाह दी. पीड़िता के अनुसार जब वह एक्स-रे के लिए जा रही थीं, उसी दौरान उन्होंने अपना मंगलसूत्र संभालने की कोशिश की, लेकिन वह अचानक गले से नीचे गिर गया. उन्होंने बताया कि करीब 2 से 3 ग्राम का मंगलसूत्र वहीं कहीं गिरा, लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद वह नहीं मिला. इस घटना से महिला और उनके परिजन काफी परेशान हैं.
CCTV खराब, बढ़ी सुरक्षा पर चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा और सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की. लेकिन अस्पताल की ओर से बताया गया कि पिछले पांच दिनों से सभी कैमरे खराब हैं. यह सुनते ही लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. स्थानीय निवासी मो. शाकिब ने कहा कि अगर अस्पताल जैसे संवेदनशील जगह पर कैमरे ही बंद रहें, तो यहां आने वाले मरीज खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी घटना की सच्चाई सामने लाना मुश्किल हो जाता है और इससे गलत गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है.
अस्पताल प्रबंधन ने मानी लापरवाही
जब इस पूरे मामले को लेकर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि सीसीटीवी कैमरे पिछले पांच दिनों से खराब हैं. हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही तकनीशियन बुलाकर कैमरों को ठीक करा लिया जाएगा.
व्यवस्था पर उठ रहे बड़े सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं अस्पताल की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. मरीजों का कहना है कि जहां इलाज के लिए लोग भरोसा लेकर आते हैं, वहीं अगर उनकी सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं हो पाए, तो यह बेहद चिंता का विषय है.
