नवादा : महिलाओं को भी पढ़ना चाहिए, समाज पर पड़ता है सकारात्मक प्रभाव - ज्ञान विज्ञान समिति

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर नवादा में महिलाओं के बीच पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को शिक्षित कर उनके आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाना है.

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को हिसुआ प्रखंड के दौलतपुर पंचायत में महिलाओं के बीच पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान विज्ञान समिति, नवादा के सहयोग से किया गया.

कार्यक्रम में महिलाओं को शिक्षा के महत्व के साथ नियमित रूप से किताबें, समाचार-पत्र एवं अन्य ज्ञानवर्धक सामग्री पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्ति के ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ सामाजिक जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. महिलाओं के शिक्षित एवं जागरूक होने से पूरे परिवार में शिक्षा और ज्ञान का वातावरण तैयार होता है.

पुष्पा कुमारी ने कहा कि महिलाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना केवल उनकी व्यक्तिगत जानकारी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है. नियमित पठन-पाठन से महिलाएं अपने अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों के प्रति अधिक जागरूक बन सकती हैं.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किये जाने चाहिए.

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बीच पठन-पाठन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां करायी गयीं. महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. आयोजकों ने कहा कि समाज में साक्षरता का दायरा बढ़ाने के लिए महिलाओं को शिक्षा से जोड़ना जरूरी है.

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By बब्लू कुूमार

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