नवादा नगर. रमजान का पाक महीना चांद दिखने के साथ ही रविवार से शुरू हो गया है. आसमान में चांद का दीदार कर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी. रमजान को लेकर बाजारों में विशेष रौनक दिखी. लोग अपनी जरूरत के सामान खरीदने को लेकर पहुंचे. किराना व अन्य जरूरत के फल आदि की दुकानों में रौनक दिखी. सुबह से सेहरी और शाम में इफ्तार के लिए लोग जरूरी खरीदारी कर रहे थे. शहर में रमजान को लेकर चांद का दीदार करने के बाद रविवार से शुरू होने वाले रमजान महीने के लिए शहर के दुकानों में खरीदारी की भीड़ दिखी. रमजान पर विशेष रूप से कई प्रोडक्ट बाजारों में आते हैं. लोग अपनी जरूरत के अनुसार, इसकी खरीदारी कर रहे हैं. लोगों ने कहा कि पाक का रमजान महीना काफी पवित्र होता है. लोग दिन भर रोजा रखकर शाम में एक साथ मिलकर इफ्तार करते हैं. रमजान को लेकर जिले के बजार विभिन्न तरह के फलों से पटे हैं. खासकर विदेशी कंपनी के खजूर से बजार की रौनक बढ़ी हुई है. शहर के मेन रोड, सब्जी मंडी, भगत सिंह चौक आदि इलाके में काफी मात्रा में विदेशी खजूर बिक्री के लिए रखे गये हैं. असके अलावा तरबूज, आम, संतरा, मौसमी आदि फलों की बिक्री भी बढ़ी हुई है. ब्रांडेड कंपनी के सूखे फलों का भी जबरदस्त क्रेज दिख रहा है. रोजेदार सेहरी और इफ्तार को लेकर काफी संजिदा दिख रहे हैं. फलों के अलावा घरों शरबत भी में बनाये जा रहे है. राशिद आलम, एजाज अहमद, वसीम उद्दीन, अली अकबर आदि ने बताया कि रमजान के ले फलों के दाम में काफी रमजान का पवित्र महीना शुरू होने जा रहा है. चांद दिखाई देने के साथ ही आज से पहला रोजा रखा जायेगा. इसको लेकर बाजारों में रौनक है. इफ्तार-सहूर के सामान की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है. रमजान की शुरुआत से पहले बाजारों में काफी हलचल देखने को मिल रही है. लोग खजूर, फल, दूध, सेवइयां, सूखे मेवे और इफ्तार में उपयोग होने वाले अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं. शहर की प्रमुख किराना और फल-सब्जी की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. इफ्तार और सहरी की तैयारियों को लेकर घरों में भी उत्साह देखा जा रहा है. पहला रोजा 13 घंटे का रहेगा पहले रोजे की अवधि करीब 13 घंटे की होगी. रोजेदार सुबह सहरी के वक्त कुछ खाकर रोजा रखेंगे और दिनभर बिना कुछ खाये-पिये रहेंगे. शाम को तय समय पर रोजा खोला जायेगा, जिसे इफ्तार कहा जाता है. रमजान में हर दिन रोजे की अवधि धीरे-धीरे बढ़ती जायेगी. इबादत में जुटेंगे रोजेदार रमजान के महीने को इस्लाम में बेहद पाक माना जाता है. इस दौरान लोग रोजा रखकर इबादत करते हैं और अल्लाह से रहमत की दुआ मांगते हैं. रोजेदार पांच वक्त की नमाज के साथ तरावीह की नमाज भी अदा करेंगे. मस्जिदों में विशेष इंतजाम किये गये हैं, जहां लोग सामूहिक रूप से इबादत करेंगे. सामाजिक सद्भाव का भी महीना रमजान केवल इबादत का ही महीना नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंदों की मदद और भाईचारे को बढ़ाने देने का भी समय होता है. लोग गरीबों को दान करते हैं और इफ्तार में जरूरतमंदों को शामिल कर उनकी मदद करते हैं. रविवार से पहला रोजा शुरू होने के साथ ही मुस्लिम समाज इबादत में लीन हो जायेगा और पूरे महीने अल्लाह की रहमत की दुआ करेगा. टोपी की बढ़ी डिमांड रमजान के माह में मुसलमानों के लिए टोपी का बहुत महत्व है. बाजार में अलग अलग तरह की टोपियां उपलब्ध हैं. इनकी कीमत क्वालिटी के हिसाब से 50 रुपये से लेकर 700 रुपये तक है. टोपी में सबसे ज्यादा डिमांड नग वाला टोपी का हो रहा है मिस्वक का दातुन 20, खजूर 60 रुपये से लेकर 800 रुपये तक का पैकेट में मिल रहा है.
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