Nawada Weather Update : (कौआकोल से दशरथ मिस्त्री/वारिसलीगंज से विपिन कुमार की रिपोर्ट)
वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के दोसुत पंचायत स्थित बेल्ढ़ा गांव निवासी सुरेश सिंह के 42 वर्षीय पुत्र कौशल कुमार सिंह की मौत शुक्रवार को वज्रपात से हो गई. बताया गया कि तेज आंधी व बारिश के साथ जोरदार गर्जना के साथ हुई वज्रपात से कौशल कुमार सिंह की मौत घटनास्थल पर ही हो गई. वज्रपात के समय कौशल गांव के बधार में मवेशी चरा रहे थे. बारिश बंद होने के बाद कौशल को किसी ग्रामीण ने अचेतावस्था में देखा और दूसरे ग्रामीणों व परिजनों को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए वारिसलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया. मृतक अपने पीछे पिता, पत्नी व चार बच्चे छोड़ गया है.
कौआकोल में महिला वज्रपात की चपेट में आई
वहीं कौआकोल प्रखंड क्षेत्र में भी शुक्रवार को हुई जोरदार बारिश और तेज आंधी के बीच वज्रपात से मौत की घटनाएं सामने आई हैं. कौआकोल पंचायत अंतर्गत बिझो गांव में एक महिला की मौत हो गई, वहीं देवनगढ़ पंचायत अंतर्गत भोरमबाग गांव में एक दुधारू गाय की मौत हो गई है.
मृतका की पहचान बीझो गांव निवासी सुलेखा देवी (36 वर्ष), पति शिवदानी यादव के रूप में की गई है. बताया जाता है कि सुलेखा देवी गांव स्थित छठ घाट के पास अपने खेत में गोबर का मलवा फेंकने गई थी. उसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हो गया, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और मातम का माहौल कायम हो गया है.
स्वजनों ने बताया कि सुलेखा देवी अपने पीछे तीन पुत्री एवं एक पुत्र छोड़ गई है. उनके पति शिवदानी यादव चंडीगढ़ में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. घटना की सूचना मिलते ही स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
दुधारु गाय की मौत से रोजगार का संकट
भोरमबाग गांव निवासी टूकन चौधरी की दुधारू गाय गांव स्थित एक बरगद के पेड़ के नीचे बंधी हुई थी. इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से गाय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. वहीं पास में मौजूद बछड़ा बाल-बाल बच गया. घटना के बाद पशुपालक परिवार में मातम का माहौल छा गया है. ग्रामीणों ने बताया कि गाय परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थी. इस घटना की सूचना पीड़ित पशुपाल द्वारा स्थानीय प्रशासन को दी गई है.
