Nawada Sugar Mill: नवादा जिले में लंबे समय से चीनी मिल की मांग कर रहे क्षेत्र के लोगों का सपना अब हकीकत में बदलता दिख रहा है. वारिसलीगंज में चीनी मिल स्थापना के लिए प्रशासन ने जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है और इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई है.
मकनपुर मौजा में मिली 102 एकड़ जमीन
वारिसलीगंज के अंचल अधिकारी (CO) ने मकनपुर मौजा में लगभग 102 एकड़ और 7 डिसमिल जमीन की पहचान की है. इस जमीन में सरकारी अनाबाद भूमि के साथ-साथ करीब 12 एकड़ रैयती जमीन भी शामिल है. अंचल अधिकारी ने पिछले महीने 28 फरवरी को नवादा डीएम रवि प्रकाश को यह रिपोर्ट सौंपी थी. इसे अब डीएम ने आगे की कार्रवाई के लिए गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेज दिया है.
बुधवार को नवादा आये थे सीएम नीतीश
बुधवार को नवादा क्षेत्र की अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए चीनी मिल खोलने का जिक्र किया था. उन्होंने संकेत दिया था कि सरकार राज्य में बंद पड़ी या नई चीनी मिलों के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना चाहती है. इससे पहले दिसंबर 2025 में भी कैबिनेट ने चीनी मिलों की स्थापना को लेकर संकल्प लिया था. इसके बाद नवादा डीएम ने जमीन तलाशने के निर्देश दिए थे.
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आर्थिक मजबूती का नया रास्ता
नवादा डीएम ने जमीन के नक्शे और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ पूरी फाइल मुख्यालय भेज दी है. अब अगर सबकुछ ठीक रहा और विभाग से अंतिम मंजूरी मिल गई, तो वारिसलीगंज में जल्द ही मिल का निर्माण शुरू हो जाएगा. इससे न केवल गन्ने की खेती करने वाले हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. नवादा के किसानों का मानना है कि इस मिल के आने से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी.
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