नवादा के रोह थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में शिक्षा सेवक की मौत, शिक्षक संघ ने अनुकंपा पर नौकरी और आर्थिक मुआवजे की मांग

Nawada News: नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड की डुमरावां पंचायत के बिहटा गांव निवासी शिक्षा सेवक सनोज कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई है. वह प्राथमिक विद्यालय ओरानी में तैनात थे और जनगणना व बीएलओ कार्य में जुटे थे. गुरुवार को नजरी नक्शा के काम से रोह बाजार जाने के दौरान पावर हाउस के पास एक अनियंत्रित बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान नवादा में उनकी मौत हो गई. शुक्रवार को शिक्षक संघ के नेताओं ने मृतक के घर पहुंचकर सांत्वना दी और सरकार से मुआवजे व आश्रित को नौकरी देने की मांग की.

Nawada News(विश्वनाथ कुमार): नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड अंतर्गत डुमरावां ग्राम पंचायत के बिहटा गांव में उस समय गहरा मातम पसर गया, जब एक कर्तव्यनिष्ठ शिक्षा सेवक की सड़क दुर्घटना में असमय मौत हो गई. मृतक सनोज कुमार (पिता: स्वर्गीय विमल राजवंशी) घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे. उनकी मौत से पूरे गांव में सन्नाटा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घर के मुखिया का साया सिर से उठ जाने के कारण पीड़ित परिवार पूरी तरह बिखर गया है.

पेंसिल की जगह पेन से बनाना था नजरी नक्शा, इसी काम के लिए बाजार जाते समय हुआ हादसा

मृतक की पत्नी द्वारा रोह थाने में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, सनोज कुमार पकरीबरावां प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय ओरानी में शिक्षा सेवक के पद पर तैनात थे. इसके साथ ही वे वर्तमान में जनगणना कार्य के लिए प्रगणक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जैसी महत्वपूर्ण सरकारी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर रहे थे.

हादसे की पूरी वजह:

गुरुवार को विद्यालय से लौटने के बाद सनोज जनगणना कार्य के लिए नजरी नक्शा तैयार कर रहे थे. उन्होंने यह नक्शा पेंसिल से बनाया था, लेकिन कार्यालय के जनगणना पर्यवेक्षक (Supervisor) ने उन्हें फोन पर सूचित किया कि यह नक्शा पेंसिल से नहीं बल्कि पेन से बनाना अनिवार्य है.

इसी नजरी नक्शा के प्रपत्र (फॉर्म) को ठीक कराने और आवश्यक सामग्री लेने के लिए सनोज पास के रोह बाजार जा रहे थे. इसी दौरान रोह स्थित पावर हाउस के समीप विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी.  इस भीषण टक्कर में सनोज गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें अत्यंत नाजुक स्थिति में तुरंत इलाज के लिए नवादा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

मासूम बच्चों के भविष्य पर मंडराया संकट, बार-बार बेहोश हो रही मां और पत्नी

सनोज की मौत के बाद उनके पीछे बूढ़ी मां, पत्नी और तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे— संध्या, अंशु और हिमांशु रह गए हैं. ये सभी बच्चे अभी प्राथमिक और मध्य विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं. रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि सनोज ही पूरे घर का खर्च चलाते थे. अब उनकी मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश कैसे होगी, यह सोचकर पूरी बस्ती की आंखें नम हैं. घर में कोहराम मचा हुआ है; मृतक की मां और पत्नी बदहवास होकर बार-बार बेहोश हो रही हैं. आस-पास की महिलाएं और ग्रामीण उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने में जुटे हैं.

मृतक के घर पहुंचे शिक्षक; सरकारी नौकरी और मुआवजे की उठी मांग

शुक्रवार को जैसे ही इस दुखद घटना की खबर फैली, पकरीबरावां और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षा सेवक और कर्मचारी बिहटा गांव स्थित सनोज के आवास पर पहुंचे.

प्राथमिक विद्यालय ओरानी के प्रधान शिक्षक राकेश कुमार, वरीय शिक्षक रामानंद प्रसाद, प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव चंदन कुमार, शिक्षक कृष्णा पासवान, उमाशंकर पासवान, नंदकिशोर सिंह, मो. खुर्शीद अख्तर, प्रधान शिक्षक गणेश चौहान, शिक्षक समीर कुमार और शिक्षा सेवक मुश्ताक आलम सहित दर्जनों कर्मियों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की. शिक्षकों ने कहा कि सनोज बेहद सरल, मिलनसार स्वभाव के थे और अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाते थे. शिक्षक संघ के नेताओं ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा राशि देने और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा पर सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है.

Also Read: दहेज की लोभी ने शादी के महज 9 महीने बाद विवाहिता की बेरहमी से पिटाई की, फिर जहर देकर हत्या

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aditya Kumar Ravi

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >