Nawada News : हिसुआ नगर परिषद की सामान्य बोर्ड बैठक के बाद शहर की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. बैठक में हुए हंगामे और बहिष्कार के बाद अब मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया है, जहां मुख्य पार्षद पूनम कुमारी और उनके विरोधियों के बीच पोस्टर वॉर और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार, दबाव की राजनीति और विकास कार्यों को बाधित करने जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
बैठक के बाद शुरू हुआ पोस्टर और बयानबाजी
जानकारी के अनुसार शनिवार को विधायक अनिल सिंह की मौजूदगी में नगर परिषद बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में उपमुख्य पार्षद पिंटू कुमार और 26 पार्षदों ने मुख्य पार्षद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर पोस्टर और बयान वायरल होने लगे, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया.
मुख्य पार्षद समर्थकों ने लगाया विकास रोकने का आरोप
मुख्य पार्षद पूनम कुमारी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर विरोधियों पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया. पोस्टर में दावा किया गया कि नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के कारण रोकना चाहते हैं. समर्थकों ने यह भी कहा कि जनता सब देख रही है और विरोधियों की राजनीति अब बेनकाब हो चुकी है.
विरोधी गुट ने लगाया भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप
वहीं विरोधी गुट ने मुख्य पार्षद पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और मनमानी का आरोप लगाया है. पूर्व मुख्य पार्षद नीतू कुमारी के समर्थकों का कहना है कि नगर परिषद में पारदर्शिता खत्म हो चुकी है और योजनाओं में अनियमितता बरती जा रही है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टरों से बढ़ी राजनीतिक
दोनों गुटों की ओर से लगातार पोस्टर और बयान सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं. इसमें एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जनहित और विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाकर नेताओं के बीच निजी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की जा रही है.
जांच की मांग के बीच शहर की राजनीति गरमाई
नगर परिषद में बढ़ते विवाद को लेकर अब शहर में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं प्रशासन की नजर भी पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है.
