नवादा के पकरीबरावां में यातायात नियमों की उड़ रही धज्जियां, मौत के सौदागर बन रहे ट्रैक्टर और टोटो, नाबालिगों के हाथों में कमान

Nawada News: नवादा के पकरीबरावां प्रखंड मुख्यालय में बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के दौड़ रहे टोटो व ट्रैक्टरों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. नाबालिग चालकों द्वारा लहरिया कट ड्राइविंग और तेज आवाज में गाने बजाने से लगातार हादसे हो रहे हैं. इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पकरीबरावां एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी ने सख्त चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के साथ-साथ वाहन मालिकों और अभिभावकों पर भी अब कानूनी गाज गिरेगी.

Nawada News (विश्वनाथ कुमार): नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड मुख्यालय और आसपास के इलाकों में इन दिनों वाहन अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. स्थानीय स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यातायात नियमों का पालन कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई सख्त व्यवस्था ही नहीं रह गई हो. मुख्यालय की मुख्य सड़कों पर बड़ी संख्या में टोटो (ई-रिक्शा) वाहन जीरो टॉलरेंस नीति को ठेंगा दिखाते हुए जहां-तहां बेतरतीब ढंग से खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे न सिर्फ राहगीरों को परेशानी होती है बल्कि बाजार में अक्सर घंटों लंबा जाम लग जाता है.

बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रहे टोटो, लहरिया कट और तेज म्यूजिक से लोग परेशान

धरातल पर स्थिति यह है कि इन टोटो वाहनों में से अधिकांश का न तो परिवहन विभाग से विधिवत रजिस्ट्रेशन कराया गया है और न ही इन्हें चलाने वाले चालकों के पास कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस है. इसका सबसे घातक परिणाम यह देखने को मिल रहा है कि इन वाहनों को चलाने वालों में नाबालिग बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. नाबालिग चालकों द्वारा लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण आए दिन टोटो पलटने और सड़क दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

इतना ही नहीं, कई नाबालिग टोटो चालक अपनी गाड़ियों में भारी-भरकम ध्वनि विस्तारक यंत्र (साउंड सिस्टम) लगाकर तेज आवाज में अश्लील व कानफोड़ू गाने बजाते हुए सड़कों पर ‘लहरिया कट’ अंदाज में वाहन चलाते नजर आते हैं. इससे सड़क पर चलने वाले अन्य बाइक चालक और बुजुर्ग राहगीर असहज और भयभीत महसूस करते हैं. दूसरी ओर, ट्रैक्टर सहित दोपहिया वाहन चालक भी नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर रेस लगाते दिखाई देते हैं. हालांकि, यात्रियों के पास आवागमन के लिए अन्य सुलभ साधनों की कमी होने के कारण, वे मजबूरी में इन्हीं असुरक्षित वाहनों का सहारा लेने को विवश हैं.

अभिभावकों की भी बड़ी लापरवाही, हादसे का आमंत्रण

इस अव्यवस्था के बीच नाबालिग बच्चों को व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए देना उनके अभिभावकों की भी एक बड़ी लापरवाही को उजागर करता है. जानकारों का कहना है कि अभिभावकों को यह समझना होगा कि कम उम्र में बच्चों को भारी या व्यावसायिक वाहन सौंपना, उन्हें और सड़क पर चलने वाले मासूम लोगों को सीधे मौत के मुंह में धकेलने के समान है. हालांकि, समय-समय पर स्थानीय पुलिस द्वारा वाहन जांच अभियान चलाकर जुर्माना वसूला जाता है, लेकिन इसकी नियमित और सघन मॉनिटरिंग की सख्त दरकार है.

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) का बयान: इस गंभीर समस्या के संबंध में पकरीबरावां अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुजय विद्यार्थी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना एक बेहद गंभीर और गैर-कानूनी मामला है. ऐसे मामलों में अब न सिर्फ वाहन को जब्त किया जाएगा, बल्कि वाहन मालिकों एवं संबंधित अभिभावकों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जल्द ही क्षेत्र में एक बड़ा और नियमित जांच अभियान शुरू किया जाएगा.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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