Nawada News (दशरथ मिस्त्री): नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में मंगलवार को एक बड़ा हादसा सामने आया है. यहां अस्पताल भवन की जर्जर छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया. इस मलबे की चपेट में आने से इमरजेंसी (आपातकालीन) ड्यूटी पर तैनात एएनएम (ANM) सुनीता कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं. हालांकि, गनीमत यह रही कि मलबे की जद में आने से वहां मौजूद अन्य लोग और मरीज बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई. इस अचानक हुए हादसे के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बना रहा.
प्राथमिक उपचार के बाद नवादा रेफर, जमींदारी काल का है अस्पताल भवन
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद साथी स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों ने लहूलुहान एएनएम सुनीता कुमारी को मलबे से बाहर निकाला. पीएचसी में ही उनका त्वरित प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट होने के कारण डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें सदर अस्पताल नवादा रेफर कर दिया है.
स्थानीय सूत्रों और अस्पताल कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, कौआकोल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का यह मुख्य भवन जमींदारी काल (वक्त) का निर्मित है. रखरखाव के अभाव में इस ऐतिहासिक भवन की छतें और दीवारें अब पूरी तरह से जर्जर और खोखली हो चुकी हैं. अस्पताल में आए दिन छत से प्लास्टर उखड़कर और छोटे-छोटे टुकड़े गिरते रहते हैं, जिससे यहां हमेशा डर का माहौल बना रहता है.
बड़ी लापरवाही: मरम्मत की मांग को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों में आक्रोश
इस हादसे को लेकर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों, एएनएम एसोसिएशन और स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है. लोगों ने भवन की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से अविलंब नए भवन के निर्माण या इसकी मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है.
स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यदि समय रहते इस जर्जर सरकारी भवन की सुध नहीं ली गई और इसकी मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले दिनों में ड्यूटी पर तैनात किसी अन्य कर्मचारी या इलाज कराने आए मासूम मरीजों के साथ कोई भी बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है.
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