तीन महीने में 110 रुपये महंगा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर, बढ़ती महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट

Nawada News: नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत पिछले तीन महीनों में 110 रुपये बढ़कर 1040 रुपये पहुंच गई है. बढ़ती महंगाई और रसोई गैस के दाम में वृद्धि से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है.

Nawada News (मेसकौर से प्रेम कुमार की रिपोर्ट): केंद्र सरकार के द्वारा एक बार फिर घरेलू गैस की कीमत में बढ़ोतरी की गई है. गैस की कीमत में लगातार वृद्धि से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. पिछले तीन महीनों में यह दूसरी वृद्धि है. पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के पहले घरेलू गैस की कीमत 930 रुपये प्रति सिलेंडर थी. जंग शुरू होने के बाद 60 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि हुई और उसके बाद फिर दूसरी वृद्धि 29 रुपये की हुई. अब लोगों को घरेलू गैस 1040 रुपये में मिल रहा है. पिछले तीन महीने के अंदर 110 रुपये की वृद्धि हुई है.

रसोई के बजट पर पड़ रहा सीधा असर

गैस की कीमत बढ़ने का सीधा असर लोगों के रसोई घर पर पड़ रहा है. नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड मोरा निवासी गृहिणी शबनम कुमारी का कहना है कि महंगाई से किचन बजट बिगड़ रहा है. इसके कारण लोग अपने घरेलू बजट में कटौती कर रहे हैं. उनका कहना है कि गैस के साथ उन चीजों की कीमत में भी भारी वृद्धि हुई है. गैस के साथ खाने-पीने की चीजों में खाद्य तेल, रिफाइन, चीनी, मसाला, मेवा, सर्फ, साबुन, ब्रेड और दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ी हैं. इससे आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है.

महंगाई बढ़ने से बिगड़ रहा घरेलू संतुलन

गृहिणी जयमाला कुमारी ने बताया कि महंगाई बढ़ने से प्रति महीना करीब 300 रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है. जबकि उनका परिवार काफी छोटा है. उन्होंने कहा कि जिन घरों में खपत अधिक होगी, उनका बजट और ज्यादा प्रभावित हुआ होगा.

आमदनी नहीं बढ़ी, खर्च लगातार बढ़ रहा

गृहिणी स्नेहलता ने बताया कि महंगाई बढ़ने से साधारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है. महंगाई के अनुसार लोगों की आमदनी नहीं बढ़ी है. ऐसे में घरेलू खर्च का प्रबंधन करना मुश्किल होता जा रहा है.

घरेलू बजट पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ

सीतामढ़ी में किराना दुकान चलाने वाले प्रमोद साव ने बताया कि महंगाई के कारण साधारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है. ईरान-इजरायल युद्ध के बाद जो महंगाई बढ़ी है, उससे घरेलू बजट में करीब 500 रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि उतनी ही राशि वह अपने बच्चों की ट्यूशन फीस पर खर्च करते हैं. यानी एक साधारण परिवार में एक बच्चे की पढ़ाई के बराबर अतिरिक्त खर्च केवल महंगाई के कारण बढ़ गया है.

कीमतों पर नियंत्रण की मांग

लोगों का कहना है कि गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण करने की जरूरत है. लगातार बढ़ती महंगाई और घरेलू गैस के दाम में वृद्धि से आम परिवारों के सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो रही है.

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Published by: Vikash Jha

विकाश झा एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और कंटेंट प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया। News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं। उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।

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