Nawada News (अनिल कुमार): त्याग, मन्नत और खुदा के प्रति सर्वोच्च समर्पण का पावन पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) सोमवार को अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र में पूरी अकीदत, शांति और आपसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस मुबारक मौके पर अकबरपुर मेन रोड स्थित मुख्य ईदगाह में सुबह की नमाज अदा करने के लिए भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के नमाजी इकट्ठा हुए. नमाज की शुरुआत से पहले जामा मस्जिद के विद्वानों द्वारा विशेष तकरीर पेश की गई, जिसे मौजूद अकीदतमंदों ने बेहद अदब के साथ सुना.
मुख्य ईदगाह के अलावा प्रखंड के पचरूखी, राजहत, मदैनी, माखर, पिथौरी, फरहा, नेमदारगंज सहित तमाम ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों व ईदगाहों में भी सुबह की विशेष नमाज पूरी अकीदत से अदा की गयी. नमाज के बाद दोनों हाथ उठाकर बारगाहे-इलाही में मुल्क की तरक्की, आपसी भाईचारे, अमन-चैन और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ मांगी गई. इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी. नमाज संपन्न होने के बाद पारंपरिक रूप से कुर्बानी की रस्म पूरी शुचिता के साथ अदा की गई.
भीतर छिपे जानवर की कुर्बानी देना ही बकरीद का सच्चा संदेश: इमाम मो. सद्दाम
माखर पंचायत स्थित गौसिया मस्जिद के पेशइमाम मोहम्मद सद्दाम ने त्योहार के रूहानी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्लाह की राह में दी जाने वाली इस कुर्बानी का असल संदेश बेहद गहरा है. उन्होंने कहा, “हम इंसानों के भीतर भी एक जानवर छिपा होता है, जो अक्सर हमें गलत रास्ते और गुनाह की तरफ धकेलता है. हमारे भीतर का क्रोध, लोभ, ईर्ष्या, अहंकार और नफरत ही सभी बुराइयों की मुख्य खान है. बकरीद के इस मुकद्दस मौके पर हमें पशु की कुर्बानी के साथ-साथ अपने भीतर छिपे इसी आंतरिक जानवर और बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए.” उन्होंने जोर देकर कहा कि नेक और भलाई की राह पर चलने वाले बंदे ही अल्लाह के सबसे पसंदीदा होते हैं.
इस अवसर पर माखर पंचायत के पूर्व मुखिया उस्मान अली एवं पूर्व मुखिया सहिमा खातून ने भी अवाम को बकरीद की पुरजोर बधाई दी. उन्होंने सभी संप्रदायों के लोगों से राजगीर और नवादा की पारंपरिक गंगा-जमुनी तहजीब को अक्षुण्ण रखते हुए शांति, आपसी सौहार्द्र और भाईचारे के साथ त्योहार की खुशियां बांटने की भावुक अपील की.
अतिसंवेदनशील इलाकों में घूमते रहे अधिकारी, मुस्तैद रही अकबरपुर पुलिस
चूंकि अकबरपुर प्रखंड का यह इलाका सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है, इसलिए विधि-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए थे. बकरीद त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने को लेकर प्रखंड के दर्जनों चिन्हित संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले स्थलों पर विशेष दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट), पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बलों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी.
अकबरपुर थाना पुलिस के जवानों ने सुबह से ही सभी प्रमुख चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों के आसपास चाक-चौबंद सुरक्षा घेरा तैयार कर रखा था. त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राधा रमण मुरारी, अंचल अधिकारी (CO) संजय कुमार प्रसाद, थानाध्यक्ष रुपेश कुमार सिन्हा और अपर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के अलावा कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ क्षेत्र में लगातार घूम-घूम कर स्थिति का जायजा लेते रहे. प्रशासन की इस सक्रियता के चलते पूरा त्योहार बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्वक संपन्न हो गया.
