नवादा में बादल उमड़े तो लोगों को लगा कि बारिश गर्मी से राहत देगी, लेकिन नवादा में पिछले दो दिनों से बरस रही बूंदों के साथ मौत भी बरस रही है. जिले के अलग-अलग इलाकों में ठनके से छह लोगों की मौत हो गयी. इनमें तीन मासूम बच्चे और सीतामढ़ी से रजौली में धान रोपने आये तीन मजदूर शामिल हैं. दो लोग झुलसकर घायल हुए हैं. वहीं एक गाय और तीन बकरियों की भी ठनके की चपेट में आने से मौत हो गयी.
एक झटके में उजड़ गये छह परिवार
रूपौ थाना क्षेत्र के छनौन गांव में 10 वर्षीय प्रिंस कुमार खेत से मवेशी लाने गया था. इसी दौरान वज्रपात की चपेट में आने से उसकी मौत हो गयी. उधर, सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में 13 वर्षीय सुनीता कुमारी की आकाशीय बिजली ने जान ले ली, जबकि उसके साथ मौजूद बहन शीतल कुमारी झुलस गयी. मेसकौर थाना क्षेत्र के ढिबरा गांव में 16 वर्षीय नवनीत कुमार भी वज्रपात का शिकार हो गया.
धान के खेत में गिरा ठनका, तीन मजदूरों की मौत
सबसे दर्दनाक हादसा रजौली के अमावां पूर्वी पंचायत स्थित दरियापुर गांव में हुआ. मंगलवार की शाम किसान मनोज यादव के खेत में धान की रोपनी कर रहे मजदूरों के बीच अचानक कड़कड़ाती बिजली आ गिरी. कुछ ही सेकेंड में खेत में अफरा-तफरी मच गयी और तीन मजदूरों की मौत हो गयी.
चाचा और दो चचेरे भाइयों की एक साथ गयी जान
मृतकों की पहचान सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव निवासी 60 वर्षीय मनी मांझी, रामप्रीत मांझी के 20 वर्षीय पुत्र राजेंद्र मांझी और इंदल मांझी के 18 वर्षीय पुत्र इंद्रजीत मांझी के रूप में हुई. तीनों आपस में रिश्तेदार थे. उनके साथ मौजूद अशोक मांझी का पुत्र रघुवीर कुमार इस कहर से बाल-बाल बच गया.
धान की रोपनी करते समय अचानक गिरा ठनका, काल के गाल में समा गये तीन मजदूर
मधेशरा गांव से 12 मजदूर धान की रोपनी के लिए रजौली आये थे. कुछ मजदूर राजा बिगहा में काम कर रहे थे, जबकि चार दरियापुर में धान रोप रहे थे. तभी मौसम बदला और बिजली ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं. सूचना मिलते ही दो एंबुलेंस और पुलिस टीम मौके पर पहुंची. शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेजा गया.
मौसम विभाग की चेतावनी का रखें ध्यान
दो दिनों में छह मौतों ने जिले में वज्रपात के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पुलिस और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खेत, खुले मैदान और पेड़ के नीचे नहीं रहने की अपील की है. रजौली के सीओ गुफरान मजहरी ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन के तहत नियमानुसार मुआवजा दिया जायेगा.
