Nawada Land New Rates 2026 Updates (बब्लू कुमार): नवादा जिले में प्रॉपर्टी बाजार, जमीन की खरीद-बिक्री और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी और दूरगामी असर डालने वाली खबर सामने आ रही है. नवादा समाहारणालय के सभाकक्ष में गुरुवार को आयोजित जिला मूल्यांकन समिति की हाई-लेवल बैठक में जिले की भूमि की न्यूनतम मूल्यांकन पंजी (MVR) दरों में ऐतिहासिक संशोधन को हरी झंडी दे दी गई है. जिला अधिकारी (DM) रवि प्रकाश की अध्यक्षता में लिए गए इस बड़े फैसले के बाद आज यानी 19 जून से ही जमीन रजिस्ट्री की नई दरें तत्काल प्रभाव से लाइव लागू कर दी गई हैं. इस फैसले से अब जिले में जमीन खरीदना और बेचना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो जाएगा.
शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़ा झटका
बैठक के बाद जिला अवर निबंधक (Sub-Registrar) अजय कुमार ने दरों में हुए इस बड़े फेरबदल की लाइव जानकारी साझा की है. नई गाइडलाइन के अनुसार:
- शहरी एवं पेरिफेरल : इन इलाकों में जमीन की सरकारी कीमतों में सीधे 2.0 गुना (दोगुना) की भारी-भरकम बढ़ोतरी करने का कड़ा निर्णय लिया गया है.
- ग्रामीण क्षेत्र: गांव की जमीनों के न्यूनतम मूल्यांकन मूल्य में 1.6 गुना की वृद्धि की गई है. अब आम जनता को इसी नए और बढ़े हुए स्लैब के आधार पर निबंधन (रजिस्ट्री) शुल्क और स्टांप ड्यूटी का भुगतान करना होगा.
क्या हैं पेरिफेरल क्षेत्र और नया दायरा
प्रशासन ने राजस्व में बढ़ोतरी और अवैध प्लॉटिंग पर लगाम लगाने के लिए बकायदा पेरिफेरल क्षेत्रों की नई सीमाएं तय कर दी हैं. इसके तहत नगर निगम सीमा से 8 किलोमीटर, नगर परिषद सीमा से 4 किलोमीटर और नगर पंचायत सीमा से 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी मौजों (गांवों) को पेरिफेरल एरिया माना जाएगा और वहां शहरी दरें लागू होंगी. डीएम रवि प्रकाश ने नगर परिषद नवादा, हिसुआ, वारिसलीगंज और नगर पंचायत रजौली के कार्यपालक पदाधिकारियों को संबंधित सीओ (CO) के साथ मिलकर एक सप्ताह के भीतर नजरी नक्शा जिला अवर निबंधक कार्यालय को सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है.
सड़कों का बदलेगा क्लासिफिकेशन
जमीन की कीमतों के इस नए चक्रव्यूह के साथ ही अब शहरी क्षेत्रों में सड़कों और वार्डों का नया वर्गीकरण भी लाइव शुरू कर दिया गया है. शहरों में नई चमचमाती सड़कों के निर्माण और पुराने रास्तों के चौड़ीकरण को देखते हुए अब उन्हें ‘प्रधान सड़क’, ‘मुख्य सड़क’, ‘शाखा सड़क’ और ‘अन्य श्रेणियों’ में नए सिरे से बांटा जा रहा है.
सभी संबंधित निकायों को एक सप्ताह के भीतर इसकी फाइनल सूची तैयार करने को कहा गया है, जिससे यह साफ होगा कि किस सड़क के किनारे की जमीन का दाम कितना आसमान छुएगा. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में अपर समाहर्ता, डीसीएलआर (DCLR) सदर सहित जिले के सभी अंचल अधिकारी मौजूद रहे. नई व्यवस्था लागू होने के बाद कलेक्ट्रेट और रजिस्ट्री दफ्तरों में जमीन कारोबारियों के बीच भारी हलचल और बेचैनी देखी जा रही है.
