Nawada News : मंडल कारा, नवादा में बंदी धनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद की आत्महत्या मामले में बिहार सरकार ने जवाबदेही तय करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है. कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, बिहार, पटना ने घटना में कथित लापरवाही और कर्तव्यहीनता के आरोपों को गंभीर मानते हुए निलंबित तत्कालीन उच्च कक्षपाल और कक्षपाल के विरुद्ध नियमित विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश जारी किया है.
22 जुलाई को हुई थी बंदी की आत्महत्या
सरकारी आदेश के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को मंडल कारा, नवादा में बंदी धनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद ने वार्ड संख्या 14 से 17 के बीच स्थित सीढ़ी की ग्रिल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. घटना के बाद प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर शिथिलता पाए जाने पर तत्कालीन उच्च कक्षपाल दीपक कुमार और कक्षपाल नितेश कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया गया था.
विभागीय जांच के निर्देश
कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय ने निलंबन आदेश की समीक्षा के बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत दोनों कर्मियों के विरुद्ध नियमित विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्देश दिया है. निलंबन अवधि के दौरान दीपक कुमार का मुख्यालय उपकारा शेरघाटी और नितेश कुमार शर्मा का मुख्यालय उपकारा दाउदनगर निर्धारित किया गया है. साथ ही नियमानुसार दोनों को जीवन-यापन भत्ता स्वीकृत करने का भी आदेश दिया गया है.
शीघ्र आरोप-पत्र दाखिल करने का निर्देश
आदेश में मंडल कारा, नवादा के अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि दोनों निलंबित कर्मियों के विरुद्ध शीघ्र आरोप-पत्र तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके.
सुरक्षा में लापरवाही पर सरकार सख्त
कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय की इस कार्रवाई को जेल प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बंदियों की सुरक्षा और कारा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा.
