नवादा में हाथियों का तांडव: स्कूल के दरवाजे तोड़ चट कर गए बच्चों का राशन; सोशल मीडिया पर वीडियो आते ही वन विभाग अलर्ट

Nawada Elephant Attack School News: नवादा जिले के रजौली प्रखंड के धामुचक गांव स्थित उत्क्रमित उच्च व मध्य विद्यालय में तीन जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर तबाही मचाई. हाथियों ने स्कूल की बाउंड्री तोड़कर मिड-डे मील का कई बोरा चावल बर्बाद कर दिया. रेंजर नारायण लाल सेवक ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है. पढ़ें रिपोर्ट.

Nawada Elephant Attack News (कुमार मनीष देव): नवादा जिले के रजौली वन क्षेत्र से सटे ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों के आतंक और भारी तबाही का एक बेहद खौफनाक व डरावना मामला सामने आया है. झारखंड की सीमा से सटे रजौली प्रखंड के धामुचक गांव में बीती देर रात तीन जंगली हाथियों के एक शक्तिशाली झुंड ने धावा बोलकर पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. हाथियों ने यहाँ स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय और उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर को अपना निशाना बनाते हुए न सिर्फ सरकारी संपत्ति को मटियामेट किया, बल्कि बच्चों के हक के निवाले यानी मिड-डे मील (Mid-Day Meal) के राशन पर भी डाका डाल दिया. इस घटना के बाद से सीमावर्ती गांवों के लोगों की रातों की नींद पूरी तरह उड़ चुकी है.

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स्कूल में मची भारी तबाही

स्कूल प्रशासन और चश्मदीद ग्रामीणों से मिली लाइव जानकारी के अनुसार, रात के सन्नाटे में जंगली रास्तों से होते हुए गजराज का यह दल स्कूल परिसर में दाखिल हुआ था. हाथियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए स्कूल की बाउंड्री वॉल और कमरों के मजबूत किवाड़ों को झटके में तोड़कर पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. इसके बाद मुख्य परिसर के आगे लगी लोहे की भारी ग्रिल पर भी ऐसा हमला किया कि ताला लगाने वाला हिस्सा टेढ़ा होकर बाहर आ गया.

बोरा फाड़कर चट कर गए चावल

स्कूल के भीतर मची इस तबाही के दौरान हाथियों ने भंडार कक्ष (स्टोर रूम) का दरवाजा तोड़ दिया. वहाँ रखी चावल की कई बोरियों को अपनी सूंड से बेरहमी से फाड़ डाला. प्रधानाचार्य पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि हाथी करीब तीन से चार बोरा चावल पूरी तरह सफाचट कर गए, जबकि बाकी बचे सैकड़ों किलो अनाज को पूरे परिसर में इधर-उधर बिखेर कर पूरी तरह बर्बाद कर दिया. सुबह जब स्कूल स्टाफ पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गया. गनीमत रही कि रात का वक्त था, अन्यथा कोई बड़ी मानवीय क्षति हो सकती थी. स्कूल प्रबंधन अब नुकसान के मुआवजे के लिए वन विभाग को लिखित आवेदन दे रहा है.

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सीमा पर आतंक का पुराना इतिहास

झारखंड के घने जंगलों से सटे होने के कारण रजौली का यह पूरा इलाका हाथियों का एक पारंपरिक कॉरिडोर माना जाता है. इससे पहले भी मक्के और धान के सीजन में हाथियों के झुंड ने सिलीडीह, दुधीमाटी, बगरदेवा और चितरकोली जैसे सुदूरवर्ती गांवों में कई गरीब किसानों के आशियाने उजाड़े हैं. पूर्व की घटनाओं में हाथियों के हिंसक हमले के कारण कई मवेशियों की जान जा चुकी है और स्थानीय ग्रामीण सनोज भुइंया को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी.

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प्रशासन हुआ अलर्ट मोड पर

वर्तमान स्थिति की बात करें तो इन तीन हाथियों के मूवमेंट का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें बगरदेवा और चितरकोली के जंगली रास्तों से आगे बढ़ते देखा गया है. फिलहाल यह झुंड सिलीडीह और दुधीमाटी के घने वन क्षेत्र में जमा हुआ है.

घटना की गंभीरता को देखते हुए रजौली के रेंजर नारायण लाल सेवक ने पूरे सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है. वन विभाग की स्पेशल क्विक रिस्पांस टीम (QRT) प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त कर रही है. प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कौतूहलवश या रील-वीडियो बनाने के चक्कर में हाथियों के पास जाने की गलती बिल्कुल न करें और रात में अकेले बाहर न निकलें. वहीं, सहमे हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को आबादी से दूर गहरे जंगलों में खदेड़ने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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