Nawada News : सोमवार को नवादा शहर में सुबह से रुक-रुक कर हो रही हल्की से मध्यम बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. कुछ घंटों की बारिश के बाद ही मुख्य सड़कों से लेकर सरकारी कार्यालयों के परिसरों तक पानी जमा हो गया. कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील नजर आयीं. जलजमाव के कारण राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ी परेशानी
बारिश के बाद सदर अस्पताल परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास गंदा पानी जमा हो गया. अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा. कई जगहों पर कीचड़ के कारण लोगों को फिसलने का डर बना रहा. अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर जलजमाव की स्थिति ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
समाहरणालय परिसर में भी जलभराव
जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर भी बारिश के पानी से अछूता नहीं रहा. परिसर में पानी जमा होने से आम लोगों के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों के आवागमन में परेशानी हुई. बारिश के बाद पानी की निकासी में लगने वाला समय शहर की कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था को उजागर करता है.
Also Read : बेगूसराय के दनियालपुर में 25 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर दी जान, कमरे का दरवाजा था अंदर से बंद
बाजारों में पानी और कीचड़ से परेशानी
शहर के विजय बाजार, सब्जी बाजार, पुरानी स्टेशन रोड, स्टेशन रोड और जवाहर नगर समेत कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गयी. दुकानों के सामने पानी जमा होने से कारोबार प्रभावित हुआ. राहगीरों को गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ा. दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ी.
नालों की सफाई और अतिक्रमण बनी बड़ी वजह
शहर में जलजमाव की समस्या के पीछे नालों की नियमित उड़ाही और सफाई का अभाव प्रमुख कारण माना जा रहा है. कई नालों पर अतिक्रमण होने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित है. आहर की जमीन पर कब्जे के कारण भी पानी के निकास का रास्ता सिकुड़ गया है. इसके अलावा शहर में प्रभावी और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम का अभाव समस्या को और गंभीर बना रहा है.
लोगों का कहना है कि हर बारिश में शहर के विभिन्न इलाकों में जलजमाव की स्थिति सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है. लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, नालों की नियमित सफाई कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है.
