उच्च शिक्षा के लिए नवादा के विद्यार्थियों को जिला के बाहर पढ़ाई करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है. यही कारण है कि ऑनर्स के बाद आगे की पढ़ाई के लिए 5% विद्यार्थी भी विश्वविद्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं. जिला के केएलएस कॉलेज, आरएमडबल्यू कॉलेज, टीएस कॉलेज, हिसुआ आदि में पहले से ही सुविधा होने के बाद भी स्नातकोत्तर की पढ़ाई नहीं हो रही है.
कॉलेज प्रबंधन के अलावा छात्र संगठन और स्थानीय राजनेता भी कुछ मांग को लगातार उठाते रहे हैं. हाल के दिनों में मगध विश्वविद्यालय बोधगया के सीनेट की बैठक में भी विधान पार्षद अशोक यादव के द्वारा प्रमुखता से पीजी शुरू करने की मांग उठाई गई है जिस पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने आश्वासन दिया है कि नवादा में जल्द ही इसकी पढ़ाई शुरू होगी.
ज़िले के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भटकना नहीं पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई अविलंब प्रारंभ करने का विषय प्रमुखता से उठाया गया. वर्तमान समय में मगध विश्वविद्यालय या ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से लोग पीजी की पढ़ाई करने के लिए बाध्य है.
छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा भी सीनेट की बैठक में जोरदार प्रदर्शन करते हुए नवादा में पीजी की पढ़ाई शुरू करने को लेकर मांग उठाई गई है. छात्र नेता शिवनारायण ने बताया कि यह छात्र की जायज मांग है नवादा के कई कॉलेज पीजी पढ़ाई पूरी करने की सुविधा रखते हैं लेकिन जानबूझकर विश्वविद्यालय के द्वारा पढ़ाई के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है.
