नवादा कार्यालय. जिला व्यवहार न्यायालय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 787 मामलों का निबटारा किया गया. इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, आशुतोष कुमार झा एवं एसपी अभिनव धीमान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत की. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नयी दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकारी की सचिव कुमारी सरोज कीर्ति के सहयोग से पक्षकारों के वादों का सुलह के आधार पर निष्पादन किया गया. इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां से कोई भी पक्षकार निराश होकर नहीं लौटता. एसपी अभिनव धीमान ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) में समान न्याय एवं निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है. इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वर्ष में चार बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है. उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न न्यायालयों में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं, जिससे न्याय मिलने में देरी होती है. लोक अदालत के माध्यम से वादों का निष्पादन सुलह के आधार पर किया जाता है, जिससे न्याय त्वरित रूप से मिलता है और न्यायालयों पर अतिरिक्त भार भी नहीं बढ़ता. सचिव कुमारी सरोज कीर्ति ने कहा कि लोक अदालत न्यायालयों के बोझ को कम करने का एक सरल और प्रभावी माध्यम है. इस अदालत में सभी वादों का निपटारा सुलह-समझौते के आधार पर किया जाता है, जिससे कोई भी वादी-प्रतिवादी निराश होकर नहीं लौटता. लोक अदालत में निष्पादित मामलों का विवरण राष्ट्रीय लोक अदालत में पोस्ट-लिटिगेशन के 253 मामले निष्पादित किए गये वहीं प्री-लिटिगेशन के 534 वित्तीय मामले सुलझाए गये. इस प्रकार, व्यवहार न्यायालय, नवादा में कुल 787 मामलों का निष्पादन किया गया.
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