22 अप्रैल 2014 को करमाटांड़ गांव में हुई थी मां-बेटा की हत्या
प्रतिनिधि, कौआकोल
थाना पुलिस और एसटीएफ ने गुप्त सूचना एवं तकनीकी अनुसंधान के सहयोग से छापेमारी कर हत्या के मामले में 11 वर्षों से फरार चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में नवादा भेज दिया. बुधवार को कौआकोल थाना में प्रेसवार्ता आयोजित कर इसकी जानकारी देते हुए पकरीबरावां के एसडीपीओ राकेश कुमार भाष्कर ने बताया कि 22 अप्रैल 2014 को संध्या 4 बजे शादी की खरीददारी कर कौआकोल बाजार से लौटने के क्रम में करमाटांड़ गांव के पास रुस्तमपुर गांव निवासी तारा देवी और उनके पुत्र गोपाल सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गयी थी. जिसके बाद कांड के वादी रामायण सिंह ने कौआकोल थाना कांड संख्या-49/14 के तहत विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस मामले में सुरेंद्र सिंह व बीरेंद्र सिंह, दोनों पिता सुदेशी सिंह उर्फ सिधेशर सिंह, बीरेंद्र मंडल व विजय मंडल, दोनों-पिता विशुनदेव मंडल, चारो ग्राम-रुस्तमपुर,थाना-कौआकोल, श्रीकांत सिंह उर्फ महतो, पिता-चान्दो सिंह, ग्राम-भंडाजोर, थाना-रोह, रणजीत सिंह व मुरलीधर सिंह, दोनों पिता-रामबालक सिंह, ग्राम-कपासी थाना-कंडे, जिला-शेखपुरा तथा मनोज सिंह पिता-अर्जुन सिंह,ग्राम-बहचा,थाना-चंद्रदीप,जिला-जमुई कुल आठ अभियुक्त बनाये गये थे. जिसमें घटना के बाद से ही रूस्तमपुर गांव के बीरेंद्र मंडल व विजय मंडल फरार चल रहे थे. कांड अनुसंधान के बाद आरोप पत्र समर्पित किया गया था. वहीं इस मामले में न्यायालय द्वारा 03 अगस्त 2024 को स्थाई वांरट निर्गत किया गया था. जिसके बाद एसपी के निर्देश पर जिला पुलिस ने एसटीएफ टीम के सहयोग से छापेमारी कर पुलिस ने बीरेंद्र मंडल को हरिद्वार, उत्तराखंड से और विजय मंडल को अमरोहा, उत्तरप्रदेश से 14 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर कौआकोल थाना लाया गया. जहां से उसे न्यायिक हिरासत में नवादा भेज दिया गया है. एसडीपीओ के अनुसार बीरेंद्र मंडल के विरुद्ध कौआकोल थाना में छह मामले व विजय मंडल के विरुद्ध तीन मामले दर्ज हैं. प्रेसवार्ता में कौआकोल थानाध्यक्ष सह पुलिस इंस्पेक्टर उमाशंकर कुमार, एसआइ सुजाता कुमारी, एएसआई रामलखन शर्मा समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
