Nawada News : नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के बुधवारा पंचायत अंतर्गत गेयार गांव के ग्रामीण पक्की सड़क की आस लगाए बैठे हैं. गांव में करीब 55 घर और लगभग 500 की आबादी होने के बावजूद आज तक गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है.
बारिश के मौसम में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है. कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.
बुधवारा पक्की सड़क से दो किमी अंदर बसा है गांव
ग्रामीणों के अनुसार, गेयार गांव बुधवारा की पक्की सड़क से पश्चिम दिशा में करीब दो किलोमीटर अंदर स्थित है. गांव तक जाने वाला रास्ता कच्चा होने के कारण बरसात में पूरी तरह कीचड़मय हो जाता है.
सामान्य दिनों में भी ग्रामीणों को संभलकर बाइक चलाकर गांव तक पहुंचना पड़ता है. वहीं, किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या अन्य आपात स्थिति में परेशानी और गंभीर हो जाती है.
जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से गुहार बेकार
ग्रामीण पंच सदस्य सुधीर सिंह, अरविंद कुमार, शैलेंद्र कुमार, सुबोध कुमार एवं जयनंदन सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई गई है, लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है.
पंच सदस्य सुधीर सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक मो. कामरान की ओर से जानकारी दी गई थी कि गेयार गांव की सड़क निर्माण की स्वीकृति बिहार सरकार से मिल चुकी है और जल्द ही पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा.
लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ है. वहीं, वर्तमान विधायक के पति अनिल मेहता से भी सड़क निर्माण को लेकर बात हुई है. उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण उनकी नजर में है और रोड निर्माण के लिए पास हो चुका है. राशि उपलब्ध होते ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा.
खाट पर मरीज और कंधे पर बाइक उठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व गेयार गांव जाने वाले कच्चे रास्ते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
वीडियो में गांव का एक व्यक्ति बीमार पड़ने के बाद उसे खाट पर लिटाकर ग्रामीणों द्वारा मुख्य सड़क तक लाया जा रहा था, ताकि उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा सके. वहीं, कुछ लोग कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते के कारण बाइक को डंडे के सहारे कंधे पर उठाकर गांव की ओर ले जाते दिखाई दिए थे.
आश्वासन नहीं धरातल पर निर्माण चाहते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का आश्वासन उन्हें कई बार मिला है, लेकिन अब वे आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर पक्की सड़क देखना चाहते हैं. अब देखना यह है कि गेयार गांव के ग्रामीणों का वर्षों पुराना पक्की सड़क का सपना आखिर कब पूरा होता है.
