Fish Farming in Nawada : नवादा जिले में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा अनेकों योजनाओं को चलाया जा रहा है. वहीं वर्तमान समय में जिलेभर में 500 सरकारी तालाबों में मत्स्य पालन किया जा रहा है.
जिला मत्स्य पालन पदाधिकारी मनीष कुंदन के द्वारा दिए गए विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के 787.132 हेक्टेयर जमीन में 500 तालाब में मत्स्य पालन किया जा रही है. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि एक ओर जहां सरकार के द्वारा सरकारी जमीन मुहैया कर तालाब निर्माण कराया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर मत्स्य पालन के लिए किसान अपनी जमीनों में भी तालाब का निर्माण कर मत्स्य पालन कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि आज मत्स्य पालन के व्यवसाय से जुड़कर हजारों लोग आत्मनिर्भर बन चुके हैं और अनेकों लोगों को रोजगार मुहैया करा रहे हैं.
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विभाग उपलब्ध करा रहा है प्रशिक्षण
समय समय पर जिला कार्यालय में मत्स्य पलकों के लिए विभाग के द्वारा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रशिक्षण लेकर अपने उत्पादन को मत्स्य पालक उत्पादन क्षमता बढ़ा सकते हैं और अपने-अपने तालाबों में एक्यूरेटर फी लगाते हुए मछलियों को समय-समय पर फीड दें. वही ऑक्सीजन की कमी न होने के लिए विशेष ध्यान देना जरूरी है. वर्तमान समय में तालाब में नमी और पानी की बढ़ोतरी के कारण मत्स्य पालक अपने-अपने तालाबों का विशेष ध्यान रखें.
क्या कहते हैं आंकड़े
एक ओर जहां मत्स्य पालन कर इस व्यवसाय से आत्मनिर्भर हो रहे हैं, वहीं सैकड़ो लोग इस व्यवसाय से जुड़कर अपनी जिंदगी को खुशहाल बना रहे हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा मत्स्य पालन वारसलीगंज प्रखंड में किया जा रहा है. वहीं अधिकारी ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में वारिसलीगंज प्रखंड में 114.15 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर मत्स्य पालन किया जा रहा है. सबसे कम कौआकोल प्रखंड में 08.185 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर मत्स्य पालन किया जा रहा है.
| प्रखंड | हेक्टेयर |
| नारदीगंज | 258.47 |
| नवादा | 18.874 |
| काशीचक | 90.93 |
| कौआकोल | 8.185 |
| रोह | 47.56 |
| गोविंदपुर | 36.00 |
| अकबरपुर | 13.17 |
| हिसुआ | 69.85 |
| नरहट | 53.11 |
| मेसकौर | 30.16 |
| सिरदला | 8.10 |
| रजौली | 10.763 |
| वारिसलीगंज | 114.15 |
| पकरीबारांवा | 27.81 |
| कुल | 787.132 |
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला मत्स्य पदाधिकारी मनीष कुंदन ने बताया कि मत्स्य पालक मत्स्य पालन से जुड़कर एक और जहां आत्मनिर्भर हो रहे हैं. वहीं अनेकों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं. विभाग के द्वारा प्रशिक्षण के लिए लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है. वहीं दूसरी और नए मत्स्य पालन करने वाले इच्छुक लोगों के लिए मत्स्य विभाग प्रशिक्षण और सब्सिडी जैसी अन्य सुविधाएं मुहैया करा रही है. इच्छुक किस जिला कार्यालय या ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं.
