अब किसानों के लिए अनिवार्य हुई फार्मर रजिस्ट्री

Nawada news. अब किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य कर दिया गया है. यह रजिस्ट्री सिर्फ पीएम किसान सम्मान निधि तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलायी जा रही सभी कृषि योजनाओं का लाभ पाने के लिए जरूरी होगी.

बिना पंजीकरण के नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

जिन किसानों के नाम पर जमाबंदी है, उन्हें ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

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कैप्शन – कैंप में मौजूद कृषि पदाधिकारी व अन्य.

प्रतिनिधि, गोविंदपुर

अब किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य कर दिया गया है. यह रजिस्ट्री सिर्फ पीएम किसान सम्मान निधि तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलायी जा रही सभी कृषि योजनाओं का लाभ पाने के लिए जरूरी होगी. फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को एक विशेष आईडी मिलेगा, जिसकी सहायता से उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना, और कृषि यंत्रों पर अनुदान जैसी योजनाओं में प्राथमिकता दी जायेगी. जिन किसानों के नाम पर ज़मीन की जमाबंदी है, उन्हें रजिस्ट्री कराना आवश्यक होगा, चाहे वे पहले से पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हों या नहीं. गोविंदपुर प्रखंड में विगत बुधवार से इ-किसान भवन परिसर में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रजौली के डॉ अविनाश कुमार, प्रभारी कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार, प्रशिक्षु प्रखंड कृषि पदाधिकारी आकाश सोनी, नोडल कृषि समन्वयक ओंकार कुमार एवं संबंधित पंचायत के किसान सलाहकार की उपस्थिति में रजिस्ट्री कैंप लगाया गया है, जो अगले आदेश तक जारी रहेगा. यहां गोविंदपुर और विशुनपुर पंचायतों के एक-एक राजस्व ग्राम में कार्य किया जा रहा है. प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार के अनुसार कैंप के प्रथम दिन अब तक गोविंदपुर के तीन और विशुनपुर के 12 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है.

बिहार में ट्रायल के रूप में शुरू हुआ अभियान

गोविंदपुर पंचायत में तीन राजस्व ग्राम गोविंदपुर, हरनारायणपुर और बारांताड़ है, जिनमें फिलहाल सिर्फ गोविंदपुर राजस्व ग्राम एवं उनके टोले दर्शन में रजिस्ट्री हो रही है, बाकी राजस्व ग्रामों में कार्य अगले आदेश के अनुसार किया जायेगा. विशुनपुर पंचायत में केवल एक राजस्व ग्राम है और इनके टोला कमालपुर, सोरहा, विनोबा नगर एवं इंदिरा नगर है, जो इन सभी का कैंप के माध्यम से किसान फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है. प्रभारी कृषि पदाधिकारी ने बताया कि यह योजना फिलहाल ट्रायल मोड में बिहार के प्रत्येक प्रखंड की दो पंचायतों में चलायी जा रही है. पहले इसे कुछ गिने-चुने जिलों में लागू किया गया था, जो सफल रहा. अब इसे पूरे राज्य में विस्तार देने की तैयारी है. यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो जल्द ही इसे राज्य के सभी पंचायतों में लागू किया जायेगा.

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Author: JAVED NAJAF

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