नवादा: अकबरपुर में NH-20 पर अतिक्रमणकारियों का दबदबा, प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद भी नहीं हटीं दुकानें, लोगों में आक्रोश

Nawada Akbarpur Encroachment : नवादा जिले के अकबरपुर में फोरलेन सड़क पर सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. प्रशासन की सुस्ती के चलते आए दिन जाम और हादसों की स्थिति बनी रहती है.

Nawada Akbarpur Encroachment : नवादा जिले के अकबरपुर में फोरलेन सड़क (NH-20) के किनारे सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने में प्रशासनिक सुस्ती से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अब तक जमीन को खाली नहीं कराया जा सका है, जिससे आए दिन जाम और हादसों की स्थिति बनी रहती है.

अस्थायी और स्थायी निर्माण से घिरी सड़क

जानकारी के अनुसार, फोरलेन निर्माण के बाद सड़क के दोनों किनारों पर निर्धारित सीमा के बाहर लोगों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर लिया है. कई स्थानों पर अस्थायी और स्थायी रूप से दुकानें, गुमटियां और झोपड़ियां बना ली गई हैं. कुछ जगहों पर तो सड़क किनारे भारी सामान रखकर भी अतिक्रमण किया गया है.

NHAI गया के नोटिस का नहीं हुआ असर

सड़क की चौड़ाई प्रभावित होने और यातायात में आ रही दिक्कतों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पकाई गया जी के परियोजना निदेशक की ओर से कड़ा कदम उठाया गया था. राजमार्ग प्रशासन के न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 20 पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा हटाने का निर्देश दिया था. समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

हादसों की आशंका और यातायात व्यवस्था ध्वस्त

स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन के किनारे लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण से दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है. सड़क पर अचानक निकलने वाले लोगों और बेतरतीब खड़े वाहनों से वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है. बाजार क्षेत्र में इस अतिक्रमण के कारण पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा गई है और पैदल यात्रियों का चलना भी दूभर हो गया है.

ग्रामीणों ने उठाई त्वरित कार्रवाई की मांग

अतिक्रमण न हटने से आक्रोशित ग्रामीण बबलू कुमार, राजा कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है, तो फिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों की जा रही है? ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि केवल कागजी नोटिस जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. प्रशासन को तुरंत अभियान चलाकर फोरलेन की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए.

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Author: Anil kumar

Published by: Sakshi Kumari

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