स्कूली बच्चों के लिए उत्तम माहौल बनाने पर दें जोर : डीएम

Nawada news. प्रारंभिक विद्यालयों में अंकुरण परियोजना यानी पोषण वाटिका के निर्माण, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विस्तार के लिए अंतर्विभागीय जिलास्तरीय बैठक की गयी.

पोषण वाटिका. अंकुरण परियोजना के क्रियान्वयन व विस्तार पर हुई चर्चा

समाहरणालय सभाकक्ष में की गयी अंतर्विभागीय बैठक

फोटोकैप्शन- बैठक में मौजूद अधिकारी.

प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय

प्रारंभिक विद्यालयों में अंकुरण परियोजना यानी पोषण वाटिका के निर्माण, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विस्तार के लिए अंतर्विभागीय जिलास्तरीय बैठक की गयी. समाहरणालय सभाकक्ष में डीएम रवि प्रकाश की अध्यक्षता में डीएम ने अंकुरण परियोजना के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं अपेक्षित परिणामों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिससे विद्यालयों के बच्चों में बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ एक उत्तम वातावरण का निर्माण होगा. उनके द्वारा बताया गया कि जिले में 462 विद्यालयों में पोषण वाटिका के निर्माण का लक्ष्य है. उन्होंने निर्देश दिया कि इस परियोजना को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से पूरा करायें. परियोजना में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, सर्व शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग आदि की सहभागिता होगी.

बच्चों में बढ़ेगा पोषण

परियोजना का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों को सूक्ष्म पोषक तत्वों से युक्त साग-सब्ज़ियों के उपयोग को प्रेरित करना और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों एवं अन्य हितधारकों के बीच पोषण संबंधी व्यापक जागरूकता फैलाना है. डीएम ने संबंधित विभागों को विभिन्न दिशा-निर्देश भी दिये. स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि वह राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह बच्चों को मध्याह्न भोजन के पश्चात फॉलिक एसिड की खुराक देना, स्वास्थ्य एवं पोषण जांच सुनिश्चित करें.

मदद उपलब्ध करायेगा कृषि विभाग

जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी अंकुरण विद्यालयों पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से कृषि समन्वयकों एवं किसान सलाहकारों को जोडें, जो प्रत्येक 15 दिनों पर विद्यालय की पोषण वाटिका का निरीक्षण कर बीज/पौधे, रोग/कीट प्रबंधन, जैविक उत्पादनों के उपयोग, एवं मिट्टी परीक्षण आदि पर परामर्श देंगे. उद्यान के अधिकारी को पोषण वाटिका के लिए बीज एवं फलदार पौधों की उपलब्धता तथा तकनीकी परामर्श देने को कहा गया. साथ ही मनरेगा के माध्यम से पोषण वाटिका की नियमित निगरानी, देखभाल के लिए वन पोषक की नियुक्ति, खेत की तैयारी, मेड़ का सुदृढ़ीकरण एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

आपसी समन्वय से करना है काम

डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं सहयोग से परियोजना के सफल क्रियान्वयन का निर्देश दिया, ताकि प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा मिल सके. बैठक में परियोजना के तहत विद्यालयों में पौधारोपण, पोषण जागरूकता, स्वास्थ्य परीक्षण एवं बाल विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के विस्तृत कार्ययोजना पर भी चर्चा की गयी. उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

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Author: VISHAL KUMAR

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