मां मथुरासिनी महोत्सव पर निकाली भव्य शोभायात्रा

माहुरी समाज की कुलदेवी की धूमधाम से हुईु पूजा-अर्चना

रजौली़ मुख्यालय स्थित स्थानीय बाजार में शनिवार को माहुरी समाज की कुलदेवी मां मथुरासिनी की पूजा धूमधाम से की गयी. इस दौरान माहुरी समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष व युवक-युवतियां बढ़-चढ़कर इस महोत्सव में भाग लिया. मां मथुरासिनी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया. इस दौरान सुबह से लेकर शाम तक कई कार्यक्रम आयोजित हुए. रजौली माहुरी वैश्य मंडल के बैनर तले आयोजित महोत्सव का मुख्य आयोजन रजौली नगर पंचायत स्थित उमा शंकर सेठ जी के धर्मशाला में किया गया. जहां मां मथुरासिनी की विशेष पूजा-अर्चना की गयी. महोत्सव को लेकर माहुरी समाज के लोग सुबह में ही बाजार स्थित माहुरी मंडल कार्यक्रम में पहुंच गये थे. सबसे पहले लोगों ने मां मथुरासिनी की पूजा-अर्चना की. इसके बाद गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली. लोग हाथ में ध्वजा-पताका लिए हुए कुलदेवी मां मथुरासिनी के जयकारे लगाते हुए पूरे बाजार का भ्रमण किये. पूजा के बाद प्रसाद वितरण व भंडारे का भी आयोजन किया गया. शोभायात्रा व पूजन समारोह में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष व बच्चे भी शामिल हुए. माहुरी समाज के लोगों ने दुकानें बंद कर महोत्सव में हिस्सा लिया. समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का प्रतिभा का प्रदर्शन का आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से किया गया. मथुरासिनी पूजा के अवसर पर समाज के लोगों में आपसी भाईचारा व प्रेम के साथ मेलजोल बढ़ाने को ध्यान में रखते हुए एक सूत्र में पिरोने का संकल्प लिया. मां मथुरासिनी माता की कृपा से सभी लोग स्वस्थ व मिलजुल कर रहे ऐसी कामना की गयी. पूजा में मुख्य यजमान के रुप में अरविंद कुमार सेठ एवं उनकी पत्नी राजनी सेठ पूजा अर्चना की. मौके पर रजौली इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे. मौके पर रजौली माहुरी मंडल के अध्यक्ष चंदन सेठ, सचिव संजय कंधवे, माहुरी मंडल मीडिया प्रभारी ऋषभ अठघरा रजौली मंडल माहुरी वैश्य समाज के पूर्व अध्यक्ष पंकज किशोर, संरक्षक नवीन कंधवे, नित्यानंद साह, पवन साह, जयप्रकाश चरणपहाड़ी, अंकित सौरभ अठघरा वैश्यकियार, हेमंत अठघरा, राजन वैश्यकियार, जीतेंद्र साह, अंशु साह, सागर साह, आशीष भदानी, अमित पवनचौदहा, मनोज पवनचौदहा के साथ सिरदला, हरदिया, दिबौर, अमावां, अंधरवारी क्षेत्र के माहुरी के लोगों ने एकत्रित होकर अपने समाज की मां कुलदेवी मथुरासानी का पूजा-अर्चना में शामिल होकर एकता का परिचय दिया. क्या कहते हैं श्रद्धालु रीना अठघरा, अनीता भदानी व बबीता साह ने कहा कि यह पूजा माता मथुरासिनी के रूप में विद्यमान माता शीतला के लिए कई वर्षों से की जा रही है. अष्टमी में होने वाले का इस महोत्सव में, वो हर वर्ष भाग लेती हैं. होली के दूसरे दिन से इसकी तैयारी में लग जाती हैं. माता की पूजा-अर्चना के साथ भोग लगाने की वर्षों पुरानी परंपरा को निभा रही हैं. माता की आराधना हम लोग इसलिए भी करते हैं, ताकि हम सपरिवार निरोग रहे. उनके कहे अनुसार, शीतलाष्टमी में माता शीतला की पूजा करने पर चेचक जैसी गंभीर बीमारी घर में प्रवेश नहीं करती है. इसमें दो दिन तक ठंडा और शीतल भोजन करने की परम्परा कई पीढ़ियों से चलती आ रही है, जो हमें विरासत में मिली है. इस दौरान दो दिनों तक खाना नहीं बनाकर हम अग्नि देव को भी आराम देने का प्रयत्न करते हैं.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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