नवादा कार्यालय. प्रख्यात शिक्षाविद् व कन्हाई लाल साहू कॉलेज नवादा के स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो डॉ सियाराम सिन्हा की सातवीं पुण्यतिथि उनके रजौली प्रखंड स्थित पैतृक गांव अंधरवारी में मनायी गयी. इसमें उनके परिजनों के अलावा ग्रामीण व पड़ोसी शामिल हुए. श्रद्धांजलि समारोह में लोगों ने प्रो सिन्हा के व्यक्तित्व और कर्तृत्व पर चर्चा की. उनके उल्लेखनीय गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी के विद्वान प्रोफेसर होने के साथ-साथ प्रोफेसर सियाराम सिन्हा एक प्रखर वक्ता, सामाजिक समरसता और सद्भाव के अग्रणी नायक थे. उनकी जन्मभूमि अंधरबारी में उन्हीं की अगुवाई में मां दुर्गा का एक प्रांतीय स्तर का विशाल प्रख्यात मंदिर व गरीब छात्रों और ग्रामवासियों के लिए एक समृद्ध पुस्तकालय की स्थापना की गयी. उनके निकटतम शिष्यों में से एक स्थानीय प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय के पूर्व प्राचार्य सुरेश प्रसाद सिंह ने प्रोफेसर सिन्हा के बारे में कहा कि हर जाति के अनेक विद्यार्थियों उनकी प्रेरणा और सहायता आसानी से प्राप्त करते थे. प्रोफेसर सिन्हा अपने कार्यकाल में अपनी अद्भुत कर्मठता, अनुशासन और लगनशीलता के बल पर केएलएस कॉलेज के एनसीसी बटालियन के कमांडर के रूप में अपनी टीम को कई बार पूरे मगध विश्व विश्वविद्यालय में अव्वल स्थान दिलाया. प्रोफेसर सिन्हा अपने विद्यार्थी जीवनकाल से ही तत्कालीन जनसंघ के राज्य स्तर के सक्रिय व प्रभावशाली कार्यकर्ता थे, जिनका प्रत्यक्ष लगाव लाल कृष्ण आडवाणी, प्रोफेसर बलराज मधोक, अटल बिहारी वाजपेयी व बिहार भाजपा के भीष्म पितामह कैलाशपति मिश्र जैसी हस्तियों के साथ रहा. श्रद्धांजलि सभा में उनकी धर्मपत्नी चिंता देवी, धर्म पुत्री सुशीला देवी, ज्येष्ठ पुत्र वरीय अधिवक्ता सुनील कुमार सिन्हा, कनिष्ठ पुत्र डॉ अनिल कुमार सिन्हा, परिजन पुरुषोत्तम सिंह, नरोत्तम सिंह, सर्वोत्तम सिंह व ग्रामीण विपिन कुमार, उपेंद्र सिंह, उप मुखिया शैलेंद्र कुमार, पंकज सिंह, संजय सिंह, रामनरेश सिंह, सुखदेव पासवान पासवान व अन्य ग्रामीण शामिल थे.
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