निर्देश. प्रति सप्ताह पैक्स गोदामों का होगा सत्यापन : डीएम
वसुधा केंद्र व निजी साइबर कैफे में करवा सकते हैं ऑनलाइन पंजीकरण
पंजीकरण में समस्या होने पर बीसीओ व बीडीओ करेंगे सहयोग
नवादा : प्रति सप्ताह पैक्स के गोदामों का सत्यापन प्रखंड विकास पदाधिकारी व प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा. ये बातें जिला पदाधिकारी मनोज कुमार ने समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित धान अधिप्राप्ति 2016-17 की बैठक में कहीं. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पंजीकृत किसानों से ही धान का क्रय पैक्स करेंगे. किसान ऑनलाइन पंजीकरण हेतु वसुधा केंद्र या निजी साइबर कैफे आदि से करवा सकते हैं. अगर किसानों को इस संबंध में किसी प्रकार की समस्या होती है
तो प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी उनका सहयोग करेंगे. जिन पैक्सों के पास गोदाम नहीं है, वे अधिप्राप्ति नहीं कर सकते हैं साथ ही वैसे पैक्स जिनका 31 मार्च 15 तक का अंकेक्षण नहीं हुआ है, वे अधिप्राप्ति नहीं कर सकते हैं. गौरतलब है कि खरीफ विपनन मौसम 2016-17 के लिए धान का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य साधारण धान 1470 रुपये व धान ग्रेड ‘ए’ 1510 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. डीएम ने कहा कि पैक्सों को अनिवार्य रूप से नमी मापक यंत्र रखना होगा, साथ ही सभी पैक्सों के माप-तौल यंत्र का सत्यापन जांच माप-तौल विभाग को करने का निर्देश दिया.
डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि पैक्सों के क्रियाकलाप, धान का क्रय, किसानों का भुगतान आदि की पूरी जबावदेही सहकारिता विभाग पर होगी. धान क्रय केंद्र पर किसानों से भूमि संबंधित दस्तावेज के रूप में अंचल पदाधिकारी द्वारा निर्गत भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, अद्यतन मालगुजारी रसीद व किसान क्रेडिट कार्ड इनमें से कोई भी एक की आवश्यकता होगी.
वैसे किसान जो दूसरे की जमीन पर खेती कर रहे हैं, तो ऑनलाइन पंजीकरण हेतु उन्हें अपना फोटो, मान्य पहचान पत्र, बैंक पास बुक, धान उत्पादन में उनके द्वारा प्रयुक्त भूमि का रकवा अथवा क्षेत्रफल से संबंधित स्वघोषणा पत्र की आवश्यक्ता है. साथ ही घोषणा पत्र पर संबंधित वार्ड सदस्य या पंचायत से किसान सलाहकार की अनुशंसा अनिवार्य है. डीएम ने कहा कि किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण आधारित डाटावेश पर ही किसानों से धान क्रय किया जायेगा. सहकारिता विभाग द्वारा तैयार अधिप्राप्ति ऑनलाइन सॉफ्टवेयर पर किसान का ऑनलाइन डाटावेश संधारित होगा. सहकारिता विभाग द्वारा किसानों का डाटावेश तैयार किया जायेगा.
इसका स्क्रिनिंग करा कर बेवसाइट पर अपलोड होगा. पंजीकृत किसानों से क्रय किये गये धान का मूल्य पंजीकृत किसानों को धान के विरुद्ध पंचायत स्तर पर पैक्स व प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से धान खरीद के 48 घंटे के अंदर भुगतान की व्यवस्था की जायेगी. डीएम ने कहा कि सभी गैर डिफॉल्टर पंजीकृत मिलरों की जांच करवा लें.
उन्होंने कहा कि पैक्सों का मिल से टैगिंग क्षमता व दूरी के हिसाब से ही किया जायेगा. बैठक में अपर समाहर्ता धीरेंद्र झा, जिला कृषि पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम प्रवीण कुमार दीपक, वरीय उपसमाहर्ता मुकेश कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार व सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.
