हमेशा गुलजार रहनेवाली दुकानों में ग्राहकों का टोटा
बड़े नोटों के बंद होने का सीधा असर कारोबार पर
नवादा नगर : पांच सौ व एक हजार रूपये के नोटों को प्रचलन से समाप्त किये जाने का असर बाजार पर साफ देखने को मिल रहा है. ग्राहकों से गुलजार रहने वाली दुकानों में ग्राहकों का टोटा दिख रहा है. बड़े नोट को बदलवाने की कड़ी मशक्कत वाली व्यवस्था होने के कारण लोग रोजमर्रा की खरीदारी के अलावे अन्य खरीदारी से बचते दिख रहे हैं. मुख्यालय के दुकानों में जिस दुकानदार द्वारा हिम्मत करके पुराने पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट लिये जा रहे हैं,
उनके अलावे अधिकतर बड़े व छोटे दुकानदारों के लिए खरीद-बिक्री करना मुश्किल हो रहा है. सर्राफा दुकान, कपड़ा दुकान, इलेक्ट्रोनिक्स गुड्स, दोपहिया, चारपहिया वाहन आदि के दूकानों मे बहुत ही कम ग्राहक दिख रहे हैं. नोट बंद होने के साथ ही रोजगार भी बंद पड़ गया है. लगन के इस मौसम में जहां चार दिन पहले दुकानों में भीड़ लगी थी अब उन्हीं दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ है.
प्रतिदिन होने वाले कारोबार इन दिनों थम सा गया है. नगर के गोला रोड, पुरानी बाजार, सोनार पट्टी, फल व सब्जी आढ़त जैसे बाजारों में प्रतिदिन ट्रकों से माल आता था. लेकिन खरीदारी प्रभावित होने के कारण इसमें काफी कमी आयी है. रुपये के लेने-देने बंद होने के बाद बैंकों में रुपये तो जमा हो रहे हैं, लेकिन निकल नहीं पा रहे हैं. नगर के सभी बैंकों में सुबह बैंक खुलने के पहले से ही सैकड़ों ग्राहक पंक्ति में लगे रहते हैं. बावजूद अधिकतर बैंकों में रूपये तो जमा हो रहे हैं, लेकिन निकासी नहीं हो रही है. इससे रुपये का आवक थम गया हैं. लोग मिले कम रुपये से जैसे-तैसे गुजारा करने को विवश हैं.
नोटबंदी से देश में विकास के कार्यों में होगी प्रगति’
प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक फैसले का पतंजलि ने किया स्वागत
नवादा कार्यालय. 500 व 1000 के नोट का चलन बंद करके देश में चल रहे कालेधन की समानांतर अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया गया है. विमुद्रीकरण के इस ऐतिहासिक फैसले का पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार व उसकी जिला इकाई पुरजोर स्वागत करती है. भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला प्रभारी इ शिवनारायण प्रसाद ने शनिवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये बातें कह कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की है. राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी मार्ग, काली चौक पर स्थित श्रीराम पतंजलि केंद्र में एक बैठक आयोजित की गयी. उन्होंने कहा कि कालेधन के कारण देश की बरबाद होती अर्थव्यवस्था व देश की आर्थिक संपदा की लूट का पुरजोर विरोध करते हुए स्वामी रामदेव ने लंबा संघर्ष किया. प्रधानमंत्री मोदी जी के इस एक अहम फैसले से स्वामी रामदेव का अनवरत संघर्ष अपने मुकाम पर पहुंचा है. देश की सभी बड़ी समस्याओं की जड़ काला धन की समस्या को दूर करने का यह प्रयास तात्कालिक परेशानियों को लेकर भी आया है. इससे दो चार दिन एक सप्ताह तक आम लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है. लेकिन आतंकवाद, नक्सलवाद, चुनावों में वोटों की खरीद फरोख्त व कालाधन के कारण देश में अमीरों व गरीबों के बीच बढ़ रहे आर्थिक असमानता जैसे समस्याओं से आम नागरिक को निजात मिलेगा. देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी. राजकाज में आर्थिक पारदर्शिता आयेगी और विकास के कार्यों में प्रगति होगी.
स्वामी रामदेव के कालेधन के प्रति चलाये गये अभियान को प्रधानमंत्री द्वारा ऐतिहासिक समर्थन पर योगपीठ व पूरे देश के नागरिकों ने समर्थन किया है. मौके पर जिला योग प्रचारक सच्चिदानंद सेवाव्रती, पतंजलि योग समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर कुमार, महिला समिति की जिला प्रभारी सविता आर्य, किसान सेवा समिति के जिला प्रभारी महेश कुमार, युवा भारत के जिला प्रभारी मुकेश कुमार कोषाध्यक्ष जितेंद्र पांडेय, अशोक कुमार सहित कार्यकारी सदस्य उपस्थित थे.
