प्रखंडों में एक किसान को बनायें आदर्श मॉडल

नवादा : नगर योजनाओं का लाभ जरूरत मंद तक पहुंचे, इसके लिए काम करने के साथ ही इसके बाद होने वाले आउटपुट पर भी समीक्षा करने की जरूरत है. उक्त बातें डीएम मनोज कुमार ने रबी महोत्सव 2016 कार्यक्रम में कही. डीएम ने सलाह देते हुए कहा कि किसानों के नाम पर जो योजनाएं चल […]

नवादा : नगर योजनाओं का लाभ जरूरत मंद तक पहुंचे, इसके लिए काम करने के साथ ही इसके बाद होने वाले आउटपुट पर भी समीक्षा करने की जरूरत है. उक्त बातें डीएम मनोज कुमार ने रबी महोत्सव 2016 कार्यक्रम में कही. डीएम ने सलाह देते हुए कहा कि किसानों के नाम पर जो योजनाएं चल रही है इसका कितना लाभ हुआ यह स्पष्ट नहीं हो पाता है. किये गये कार्यों की समीक्षा तभी हो पायेगी जब यह भी जांच हो कि किसानों को कितना लाभ मिला है.

उन्होंने सभी प्रखंडों में कम से कम एक या दो किसानों को एक आदर्श मॉडल के रूप में तैयार करने की सलाह दी, ताकि उन्हें देख कर दूसरे किसान भी सरकार द्वारा दिये जा रहे योजनाओं को समझ सके तथा अधिक से अधिक इसका लाभ उठा सके. डीएम ने पड़ोस के जिला नालंदा का उदाहरण देते हुए कहा कि नालंदा की मिट्टी व जलवायु में कोई खास फर्क नहीं है, लेकिन वहां के किसान पारंपरिक खेती के साथ अन्य नकदी फसलों को उपजा कर अपने मुनाफों में इजाफा किया है.

नये तकनीक जीरो टिलेज, पंक्ति में शक्ति जैसे कार्यक्रमों को कैसे सहजता पूर्वक मॉडल के रूप में प्रखंड स्तर पर एक या दो किसानों को बनाया जा जाये, इसका लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >