नवादा-हिसुआ पथ पर सड़क हादसे में दो जख्मी

नवादा सदर : शनिवार की शाम नवादा-हिसुआ पथ पर खानपुर पुल के पास बाइक व बोलेरो की टक्कर में दो युवक बुरी तरह जख्मी हो गया़ हिसुआ के अंदर बाजार निवासी विकास कुमार व अरुण कुमार नवादा से वापस हिसुआ लौट रहे थे, इसी दौरान पुल पार करने के दौरान सामने से आ रही बोलेरो […]

नवादा सदर : शनिवार की शाम नवादा-हिसुआ पथ पर खानपुर पुल के पास बाइक व बोलेरो की टक्कर में दो युवक बुरी तरह जख्मी हो गया़ हिसुआ के अंदर बाजार निवासी विकास कुमार व अरुण कुमार नवादा से वापस हिसुआ लौट रहे थे, इसी दौरान पुल पार करने के दौरान सामने से आ रही बोलेरो ने बाइक सवार को टक्कर मार दी़ बुरी तरह जख्मी दोनों युवक को नवादा सदर अस्पताल में इलाज के बाद पटना रेफर कर दिया गया है़

सदर अस्पताल के बदहाल भवन से हादसे की आशंका
आजादी के पहले बने भवन में काम करने को विवश हैं स्वास्थ्यकर्मी
नवादा सदर सदर अस्पताल का दो भवन कभी भी किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है. अंगरेज के जमाने के बने भवन में अब भी लोग काम कर रहे हैं. एक साल पहले बदहाल भवन का कुछ हिस्सा टूट कर गिर गया था. फिर भी लोग उसी भवन में काम कर रहे हैं. अस्पताल परिसर में भवन का अभाव इस कदर है कि कभी आइसीयू भवन का कुछ हिस्सा टूट कर गिर रहा है. प्रवेश द्वार के मुख्य हिस्से का पोर्टिको भी बदहाल है. इस भवन में प्रवेश करने से पहले लोग एक बार भगवान का नाम अवश्य लेते हैं. काम करने वाले लोगों की मजबूरी है, न चाहते हुए भी उन्हें भवन के भीतर बैठ कर काम करना पड़ता है. कर्मचारी जान हथेली पर रख कर काम का निबटारा कर रहे हैं. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक व ऐसी एमओ सहित कई अन्य अधिकारियों का कार्यालय मौजूद हैं. बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा स्थिति भयावह हो जाती है. छत से पानी का रिसना व प्लास्टर गिरने से स्थिति और भी डरावनी हो जाती है.
बदला सीएस का चैंबर : लाखों रुपये की लागत से सदर अस्पताल परिसर में यात्रियों के लिए विश्रामालय, परची काउंटर के साथ नये सुसज्जित भवन बनाया गया था. नवादा सिविल सर्जन कार्यालय की भी स्थिति ठीक नहीं रहने व बरसात के दिनों में पानी जमा हो जाता था. परेशानियों से जूझते सिविल सर्जन ने अपने ऑफिस को यात्रियों के प्रतीक्षालय में ट्रांसफर कर लिया. इसके फलस्वरूप लोगों को आज भी खुले आकाश में इंतजार करना पड़ता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
बदहाल भवन को ध्वस्त कर नये भवन बनाने के लिए राशि की मांग की गयी है. राशि उपलब्ध होने के बाद ही पुराने भवन को हटाया जा सकता है. अस्पताल परिसर में भवन का अभाव है.
डॉ श्रीनाथ प्रसाद, सिविल सर्जन, नवादा

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