रजौली से एक दिन में करीब हजार मजदूरों का हो रहा पलायन
रजौली : रजौली थाना क्षेत्र से इन दिनों मजदूरों का पलायन जोरों पर है. यहां के मजदूरों को ठेकेदार बस में भरकर झारखंड, बंगाल, यूपी समेत अन्य राज्यों में भेज रहे हैं. बताया जाता है कि ठेकेदारों की पुलिस से इस सिलसिले में सांठगांठ है़ एक ठेकेदार ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि दो मजदूरों पर पुलिस को तीन सौ रुपया कमीशन के रूप में दिया जाता है. जबकि, एक बस पर रजौली पुलिस को 10 हजार रुपया दिया जाता है.
पुलिस काे कमीशन देने के बाद हमलोगों को बिहार से मजदूरों को बाहर ले जाने में काफी सहुलियत होती है. जब गुरुवार की शाम मीडियाकर्मियों ने मजदूरों से लदी एक बस को रुकवाकर पूछताछ की तो, उसमें सवार मजदूरों ने कहा कि हमलोगों को ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए ले जाया जा रहा है. साथ ही गाड़ी में बैठे ठेकेदार ने कहा कि हमलोग पुलिस को मैनेज कर मजदूरों को ले जा रहे हैं.
प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल : राज्य सरकार ने मानव व्यापार पर रोक लगा रखा है. अगर मानव व्यापार में लिप्त लोग पकड़ जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है. इस पर रोक लगाने के लिए जिले में भी कई तरह की संस्थाएं काम कर रही हैं. बावजूद इसके धड़ल्ले से चल रहे मानव व्यापार को रोकने में पुलिस की नाकामी प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करती है़
संगठित दलाल हैं सक्रिय : प्रत्येक दिन रजौली अनुमंडल से लगभग एक हजार मजदूरों को बंगाल, यूपी, झारखंड आदि जगहों पर भेजा जाता है. इसके काम के लिए ठेकेदारों द्वारा संगठित दलाल सक्रिय हैं. ये मजदूरों को बहला-फुसला कर दूसरे राज्यों में भेजने का काम करते हैं. हालांकि, ऐसा नहीं है कि इस बात से पुलिस अनजान है, फिर भी उन संगठित दलालों के विरुद्व कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझती है.
