नवादा के जीआरपी थाने में ड्राइवर ने दर्ज करायी प्राथमिकी
नवादा : मंगलवार को गया-किऊल पैसेंजर ट्रेन संख्या-53626 डाउन ने जैसे ही नवादा शहर में प्रवेश किया, आउटर सिगनल नंबर 72/4 के पास कुछ पत्थरबाज युवकों ने रोड़े बरसाने शुरू कर दिये. इस घटना में नवादा आ रही गया-किऊल पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर कौलेश्वर चौधरी, यात्री पवन कुमार, गौतम कुमार व अजीत कुमार जख्मी हो गये. तीनों गया के जलालपुर के रहनेवाले बताये जाते हैं. ड्राइवर आउटर सिगनल पर ही गाड़ी को रोक कर नीचे उतर गये.
उनके नीचे आते ही कई यात्री भी ट्रेन से उतर गये. सभी ने मिल कर एक पत्थरबाज युवक को पकड़ लिया. यह युवक भदौनी निवासी सहादत हुसैन का बेटा तारिक हुसैन बताया जाता है. पत्थरबाजी कर रहे बाकी के युवक ट्रेन के रुकते ही फरार हो गये. पकड़े गये युवक तारिक ने बताया कि भाग गये युवक पत्थरबाजी कर रहे थे. सभी की उम्र 14 से 16 साल की बतायी जाती है. इसके बाद ड्राइवर पकड़े गये युवक व ट्रेन को लेकर नवादा स्टेशन पहुंचे. उन्होंने पकड़ाये युवक को पुलिस को सौंपते हुए मामला दर्ज कराया है.
घंटों रुकी रही ट्रेन, परेशान रहे यात्री. नवादा के प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर इस ट्रेन के रुकते ही आक्रोशित लोग नीचे उतर आये. देखते ही देखते लोगों की भीड़ जीआरपी थाने के पास जमा हो गयी. प्राथमिकी दर्ज कराने व संबंधित वरीय अधिकारियों व स्टेशन प्रबंधक को जानकारी देने के बाद ट्रेन किऊल के लिए रवाना हुई. इस बीच, ट्रेन में सवार लोग घंटों परेशान रहे. किऊल की ओर जानेवाले लोगों को ट्रेन खुलने की बेचैनी दिख रही थी.
एक नामजद सहित कई अन्य बने आरोपित.जख्मी ड्राइवर कौलेश्वर चौधरी ने पकड़े गये युवक सहित कई अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया है. बताया जाता कि ये सभी युवक लंबे समय से इस स्थान पर पथराव करते रहे हैं. इस बार शरारती तत्वों ने गाड़ी के इंजन को निशाना बनाया और इसमें ड्राइवर बुरी तरह जख्मी हो गये. जीआरपी थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है.
ट्रेन रुकते ही मची अफरा-तफरी
ट्रेन में सवार यात्री परशुराम सिंह, गजाधर प्रसाद, सरिता देवी व रोशन कुमार आदि ने बताया कि जैसे ही ट्रेन रुकी, यात्रियों में खलबली मच गयी. हर कोई घटना व ट्रेन रुकने का कारण जानना चाह रहा था. यात्री युवकों की इस करतूत पर आक्रोश जता रहे थे. लोगों का कहना था कि जीआरपी की लापरवाही के कारण गया-किऊल रेलखंड पर यात्रा करना सुरक्षित नहीं रह गया है.
