नवादा नगर : कच्ची-पक्की नालियों व गलियों से होकर गुजरनेवाले वार्ड 33 में विकास के साथ कुछ अच्छे काम करने की आवश्यकता है. वार्ड के अंदर कई गलियों को पक्का बनाने का काम हुआ है. कई एरिया का काम अभी पूरा नहीं हो पाया है. वार्ड के राजनीति में विपक्ष की भूमिका निभाने के कारण बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में यह वार्ड तेजी से बढ़ता नहीं दिखता है.
जबकि, पिछले डेढ़ साल से हुए महागंठबंधन के मेल के बाद डुडा द्वारा शिवटन के घर के पास से आगे तक पीसीसी सड़क व नाली जैसे काम दिखते हैं. वार्ड के बड़े हिस्से अकबरपुर प्रखंड की सीमा से मिलता है. मस्तानगंज से सीमा मिलने के कारण कुछ हिस्सों में अब भी ग्रामीण परिवेश दिखता है. लोगों द्वारा सफाई की कमी के साथ जरूरी सुविधा नहीं मिलने की शिकायत है. नालियों की सफाई भी समस्या है. वार्ड के पुराने पटना-रांची रोड से होकर गुजरने वाला बड़ा नाला पूरी तरह से खुला हुआ है. इस पर ढक्कन नहीं होने के कारण अक्सर लोगों के साथ ही बकरी या अन्य छोटे जानवर भी कई बार गिर जाते हैं, जो मुसिबत का कारण बनते हैं.
समय पर नालियों की सफाई नहीं होने की शिकायत के साथ ही रोड पर बहने वाले नालियों के पानी को दूर करने की सुविधा नहीं होने की बात स्थानीय कुछ युवकों द्वारा कहा गया. जगह-जगह कूड़े फेंकने के लिए कचरा पोस्ट बनाये जाने के साथ इसके नियमित उठाव होने की मांग है. कई स्थानों पर नालियों पर ढक्कन नहीं होने के कारण भी कचरा नालियों में जमा होता है. नियमित सफाई का अभाव वार्ड क्षेत्र में दिखा.
मिलनसार व्यवहार है ताकत
पार्षद व उनके पति के अच्छे व्यवहार का लाभ कई बार पार्षद को मिलता है. किसी प्रकार की असुविधा होने के साथ ही व्यक्तिगत काम में भी लोग इनसे मदद लेने पहुंचते हैं. सरकारी कामों में मदद करने के साथ ही इलाज, शादी विवाह आदि में जरूरत के अनुसार मदद मांगने पर वार्ड पार्षद द्वारा मदद के लिए तैयार रहना बड़ी ताकत बनता है.
ग्रामीण से शहरी परिवेश में बदल रहा वार्ड : वार्ड के पुराने हिस्से ग्रामीण माहौल की तरह दिखता है.
कमालपुर गांव ही लगभग पूरी तरह से वार्ड का हिस्सा बना है. कमालपुर गांव के इस हिस्से में शायद ही पहले सड़क के अभाव में चारपहिया गाड़ियां जा पाती थीं. सड़क व नाली बन जाने से बरसात के समय जल जमाव की समस्या से बहुत हद तक राहत मिली है. साथ ही लोग अब सीधे रोड से आ जा पाते हैं.
जरूरतमंदों को नहीं मिला लाभ
क्षेत्र के लोगों के अनुसार वार्ड में पेयजल, रोशनी की सुविधा देने के साथ सामाजिक सुरक्षा के तहत मिलने वाले पेंशन का लाभ, शौचालय योजना, शहरी आवास योजना जैसे गरीबों को दिये जाने वाले योजनाओं को लाभ गरीब लोगों तक पहुंचाने में कमी दिखती है. सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचा है.
