हिसुआ/नरहट : बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के गांव में खुशहाली व उद्योग लगने के सपने अब पूरे होंगे. उनकी जन्मस्थली नरहट के खनवां गांव में बहुत जल्द कपड़े का निर्माण शुरू हो जायेगा.
इसे भारतीय हरित खादी खनवां नाम दिया गया है. बड़े परिसर में कपड़े बनाने के उपकरण लगाये जा रहे हैं. इसे इंस्टॉल करने के लिए तकनीशियन गुजरात से आकर लगे हुए हैं. मशीनें सोलर ऊर्जा से चलेंगी. हरेक मशीन के लिए अलग-अलग सोलर प्लेट व किट लगाये गये हैं. वारपिंग मशीन सहित अन्य मशीनों को इंस्टॉल किया गया है.
यहां सोलर से 32 टकुये के आधुनिक चरखे भी चलेंगे. उसे भी मंगाया गया है. कई महीनों से खनवां सहित आस-पास के गांवों में महिलाएं सूत बनाने का काम भी कर रही हैं. अब तक 240 महिलाओं को सोलर से चलनेवाला चरखा दिया गया है. कई घरों में दो से तीन चरखे भी चल रहे हैं. एक महिला कम से कम एक किलो सूत बना लेती हैं, जिसे वहीं 200 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद कर लेने की व्यवस्था है. कपड़ा बनाने के लिए उन धागों का उपयोग होगा. महिलाएं घरों में आठ व10 टकुये के चरखें चला रही हैं.
विदित हो कि इस खनवां गांव को केंद्रीय लघु-सूक्ष्म उद्योग मंत्री गिरिराज सिंह ने गोद लिया है. वे पहले मुख्यमंत्री की जन्मस्थली को राष्ट्रीय पटल पर ले जाने की बातें कहते हैं. यहां कपड़ा उद्योग लगा कर गांव की महिलाओं व बेरोजगारों को रोजगार देने की पहल है. यहां कपड़े के निर्माण से रोजगार के सुनहरे अवसर क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा. सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो केवल महिलाओं को आठ से दस हजार रुपये की मासिक आय होगी. आगे चल कर यहां उन्नत किस्म के कपड़े के निर्माण की बात भी
बोले केंद्रीय मंत्री
मेरा उद्देश्य है खनवां पूरे देश का एक मॉडल हो. अभी तो शुरुआत है, मुझे महिलाओं और बेरोजगारों की आय बढ़ानी है. इसे 10 हजार तक ले जाना है. इसे जिले के अन्य प्रखंड़ों तक पहुंचना है. प्रधानमंत्री से बात करने के बाद देश के अधिक से अधिक बेरोजगारों को रोजगार देने का काम होना है. यहां हरित खादी का निर्माण जल्द होने के साथ उन्नत किस्म के अन्य कपड़ों को भी बनाने का काम होगा.गिरिराज सिंह, नवादा सांसद व केंद्रीय लघु-सूक्ष्म उद्योग मंत्री, भारत सरकार
