"100 में वोटर कार्ड व "200 में मिल रहा ड्राइविंग लाइसेंस !

अनदेखी. साइबर दुकानों में धड़ल्ले से हो रहे फर्जी कागजात तैयार कुछ दिनों पहले फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का मामला भी आया था सामने नवादा (सदर) : जिला मुख्यालय में सैकड़ों की संख्या में खुले साइबर की दुकानों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने का धंधा तेजी से चल रहा है. अधिकारियों द्वारा कुछ साल पहले की […]

अनदेखी. साइबर दुकानों में धड़ल्ले से हो रहे फर्जी कागजात तैयार
कुछ दिनों पहले फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का मामला भी आया था सामने
नवादा (सदर) : जिला मुख्यालय में सैकड़ों की संख्या में खुले साइबर की दुकानों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने का धंधा तेजी से चल रहा है. अधिकारियों द्वारा कुछ साल पहले की गयी कार्रवाई के बाद इस तरह का धंधा बंद होने के बाद एक बार फिर से धडल्ले से शुरू हो गया है. सूत्रों के अनुसार, सौ रुपये में मतदाता पहचान पत्र व दो सौ रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस और जन्म प्रमाणपत्र सहज मिल रहे हैं.
सबसे बड़ी विडंबना है कि ऐसे फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ ही पासपोर्ट बनाने में किया जा रहा है. कई साइबर वाले धड़ल्ले से दस्तावेज तैयार करके गलत कार्यों को बढ़ावा देते आ रहे हैं. निबंधन विभाग की ओर से कंप्यूटर प्रिंटेड दस्तावेज तैयार करने के नाम पर कई कंप्यूटर दुकानदार इस तरह के कार्यों को बढ़ावा देते हैं. गलत तरीके से कागजात तैयार कराने वाले लोगों को इसका पछतावा तब होता है जब नौकरी में चयन होने के बाद उन्हें गलत प्रमाण पत्र के कारण नौकरी से वंचित कर दिया जाता है. जिला मुख्यालय के साथ साथ ग्रामीण इलाकों में भी इस तरह का काम तेजी से चल रहा है.
चार वर्ष पहले हुई थी छापेमारी : जिला प्रशासन के निर्देश पर चार साल पूर्व ही कचहरी रोड में एक दुकान में फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने के दौरान एक दुकानदार को गिरफ्तार भी किया गया था.
दुकान को भी काफी समय तक सील कर दिया गया था. इसके कुछ दिनों बाद से ही शहरी इलाकों में इस तरह का धंधा एक बार फिर से चल पड़ा है. ऐसे दस्तावेज तैयार करने वाले दुकानदारों में प्रशासन का भय नहीं रहने के कारण गलत कार्य करने वाले लोगो की संख्या बढ़ गयी है. सबसे बड़ी विडंबना है कि विदेश जाने के लिए ऐसे फर्जी दस्तावेज दो से चार दिनों में तैयार हो जाते हैं. पूरे दस्तावेज का दुकानदार 20 से 25 हजार रुपये की मांग करते हैं. फर्जी दस्तावेज भी पूरी तरह असली की तरह.
दिनांक व पत्रांक भी ऑफिस की तरह ही. कुछ दिनों पूर्व ही फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का मामला सामने आया था. प्रभात खबर ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था. नगर पर्षद ने भी इसे फर्जी करार दिया था. फिर भी प्रशासन की ओर से इस दिशा में कारगर कदम नहीं उठाये जाने के कारण फर्जीबाड़ा का धंधा निरंतर फल फूल रहा है.
इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि फर्जी दस्तावेज तैयार करना कानूनन अपराध है. ऐसे करने वालों के खिलाफ प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जायेगी. पासपोर्ट के लिए दस्तावेज तैयार करनेवाले लोग के खिलाफ धोखाधड़ी व देश द्रोह गतिविधि में शामिल होने का आरोप लगेगा.

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