बरसात में खुले में बिक रही खाने की सामग्री से करें परहेज
नवादा. सदर अस्पताल में इन दिनों मरीजों का तांता लगा हैं. जनरल ओपीडी में प्रतिदिन औसतन दोपहर दो बजे तक 500 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो रहा हैं. शहर में वायरल बुखार ने अपना पांव पसार रखा है. अस्पताल में आनेवाले मरीजों में वायरल फीवर से पीड़ित लोगों की संख्या ज्यादा हैं. साथ ही हैजा, टाइफाइड जैसे दूषित पानी से होनेवाली बीमारियां के मरीज भी अस्पताल में भरती हो रहे हैं.
सूक्ष्म जीवों से हो रही बीमारियां : बारिश के साथ ऊमस जैसी स्थिति से बैक्टीरिया व वायरस को पनपने का भरपूर मौका मिलता हैं.
27 से 32 डिग्री से़ तापमान पर प्रयाप्त आर्द्रता में बीमारी पैदा करनेवाले सूक्ष्म जीव उत्पन्न होते हैं. ये सर्दी जुकाम, पेट व फेफड़े संबंधित बीमारियों से लोगों को ग्रसित करते हैं. बारिश से गड्ढों या अन्य जगह पर जमे पानी में मच्छर भी पनपते है, मक्खियां भी खुले भोजन पर बैठ कर बीमारी के जीवाणु छोड़ देती है. इससे लोग इन सूक्ष्म जीवों से होनेवाली बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं. इसकी जानकारी ओपीडी के डॉ मनोज कुमार ने दी.
सावधानी से ही बचाव : डॉ मनोज कुमार ने बताया कि वायरल बुखार से पीड़ित मरीज को दो से तीन दिनों तक बुखार रहता है. पूरे शरीर में तेज दर्द के साथ मरीज को सर्दी जुकाम भी हो जाता हैं. साथ ही लोगों को हैजा व टाइफाइड भी हो रहा है. ऐसे में मरीजों को उचित दवा के साथ सावधानी बरतने की भी सलाह दी जा रही है. बरसात के पानी में भींगने से अपने आप को बचाना है.
खुले में बिक रहे खाने की सामग्रियों से परहेज करना है. इस मौसम में खुले में बिकने वाले चाट, समोसे, गुपचुप आदि खाने से भी बीमारियां हो रही हैं. ऐसे में शुद्ध पानी पीये. हाथों को अच्छी तरह से धोकर खाना खाएं. गर्म व सुपाच्य भोजन लें. ज्यादा तला भुना, मसालेदार खानों से परहेज करें.
