वारिसलीगंज : प्रखंड क्षेत्र के मुरलाचक निवासी इशहाक खान की पोती सानिया परवीन छह साल की उम्र में ही रोजा रख रही है. इशहाक बताते हैं कि सानिया का रोजा रखने का बहुत शौक है.
परंतु हमने उसकी उम्र को देखते हुए इसकी इजाजत नहीं दी. लेकिन इस बार इसकी जिद्द की वजह से हमने रोजा रखने दिया. हमने सानिया का वो सारी बातें सिखाया जो रोजे के वक्त में जरूरी होता है. उदाहरण स्वरूप टीवी नहीं देखना, किसी को गाली नहीं देना.
इस बार हमने सानिया को कुरान पढ़ना भी सिखाया है. उन्होंने बताया कि सानिया बहुत तेज लड़की है. वह कोई भी बात बहुत जल्द सीख लेती है. पिछली बार रमजान में सानिया रोजा रखने की कोशिश की थीं, पर उस दिन उसकी पसंद का शाही टुकड़ा बनवाया था. इसकी लालच में उसने अपना रोजा तोड़ दिया. परंतु इस बार ऐसा नहीं हुआ.
रोजे में हरेक दिन उन्होंने सानिया के लिए इफ्तार में उसका पसंद का ब्रेड रोल, पनीर, कटलेट व आलू के समोसे आदि बनवाते हैं. इशहाक बताते हैं कि सुबह सेहरी के वक्त में सनिया उठ जाती है. जल्द ही बजु किया व सेहरी करके अजान होने का इंतजार करने लगती है. फिर फजां की नमाज पढ़कर सोती है. दिनभर कुरान पढ़ने के बाद शाम होते ही इफ्तार करती है. सानिया का रोजा और कायदे लोगों को भा रहा है.
