नवादा (सदर) : भारत संचार निगम लिमिटेड की बेसिक सेवा से शहर के पार नवादा के लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है. पिछले पांच साल पहले खुरी नदी पर पुल निर्माण के दौरान केबुल कटने की घटना के बाद से लगभग पांच सौ से अधिक उपभोक्ता बीएसएनएल की सेवा से वंचित हैं.
बीएसएनएल द्वारा आये दिन उपभोक्ताओं के लिए तरह-तरह के आॅफर दिये जा रहे हैं. कनेक्शन लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जता रहा है. परंतु पारनवादा के लोग विभागीय लापरवाही के कारण बीएसएनएल की बेसिक सुविधा का लाभ पाने से वंचित हैं. पारनवादा के दर्जनों उपभोक्ताओं ने बीएसएनएल का ब्रॉडबैंड चलाने के लिए बीएसएनएल का कनेक्शन लेने के लिए आवेदन दिया है. विभाग की ओर से केबल कटने की समस्या का रोना रोया जाता है.
विभाग ने नहीं की अब तक कोई पहल : पिछले पांच वर्षों से उत्पन्न इस समस्या के निदान के प्रति बीएसएनएल की ओर से अबतक कोई पहल नहीं की गयी है. संचार क्रांति के इस दौर में भले ही प्रत्येक हाथों में दो-दो मोबाइल इस्तेमाल का चलन हो गया है. लेकिन घरों में बेसिक फोन का अपना ही क्रेज है. केबल कटने के पहले पारनवादा में बीएसएनएल के दो हजार से अधिक उपभोक्ता थे. केबल कटने के कारण इतने उपभोक्ताओं को बीएसएनएल ने खुद ही अलग कर दिया. ऐसे उपभोक्ता चाहकर भी फिर से बीएसएनएल का ग्राहक नहीं बन पा रहे हैं. विभाग की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं का नाम भी सूची से हटा दिया गया, जो पारनवादा क्षेत्र के थे.
लोगों का दर्द : पारनवादा के लोगों का दर्द है कि बीएसएनएल ने उन्हें ग्राहकी से बाहर कर दिया. इसके कारण वे बीएसएनएल बेसिक फोन का कोई भी लाभ लेने से वंचित हैं. रात में किसी भी नेटवर्क पर फ्री बात के साथ ही ब्रॉडबैंड सेवा का भी लाभ नहीं मिल रहा है.
पारनवादा के वर्षों से बीएसएनएल के उपभोक्ता रहे विनय कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से पुन:कनेक्शन नहीं किया गया है. इस संबंध में कई बार पत्र लिखा गया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई. मजबूरन बीएसएनएल से नाता तोड़ लेना पड़ा. बीएसएनएल के कई पुराने उपभोक्ताओं ने केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिख कर पारनवादा के लोगों के साथ हो रही दोहरी नीति पर कार्रवाई करने की मांग की है.
